मां पूर्णागिरि धाम में लो-वोल्टेज की समस्या दूर हो गई है। बिजली विभाग ने 40 लाख रुपये के बजट से समूचे धाम क्षेत्र में 11 हजार केवि की लाइन पहुंचा दी है। 31 दिसंबर से लाइन चालू कर धाम क्षेत्र में फुल वोल्टेज मुहैया करा दिया है।
उत्तर भारत के सुविख्यात मां पूर्णागिरि धाम में वर्षों से लो-वोल्टेज की समस्या से पुजारी और व्यापारी खासे परेशान थे। इसके अलावा हर साल होली के बाद होने वाले प्रसिद्ध मेले की पथ प्रकाश व्यवस्था में भी लाखों रुपये का बजट खर्च होता था। गत वर्ष पथ प्रकाश में 92.20 लाख रुपये खर्च हुए थे। विद्युत विभाग ने करीब सात साल पहले ही भैरव मंदिर तक 11 हजार केवि की लाइन पहुंचा दी थी, लेकिन इससे ऊपर मंदिर क्षेत्र में लो-वोल्टेज एक बड़ी समस्या बनी थी। बीडीसी के पूर्व सदस्य एवं पूर्णागिरि व्यापार मंडल अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय और मंदिर समिति अध्यक्ष किशन तिवारी की पहल पर कुमाऊं आयुक्त अवनेंद्र सिंह नयाल ने विद्युत विभाग के एमडी को धाम क्षेत्र की बिजली व्यवस्था सुधारीकरण के निर्देश दिए थे।
इस पर विभाग ने 40 लाख रुपये की लागत से समूचे धाम क्षेत्र में 11 हजार केवि की विद्युत लाइन पहुंचा दी है। विभाग के उप खंड अधिकारी बीएम भट्ट ने बताया कि भैरव मंदिर से सिद्धमोड़ तक 11 हजार केवि की एक किमी लंबी लाइन बिछाई गई है। सिद्धमोड़ में सौ-सौ केवि के चार ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। चंद्रिका खटक गांव और बीएसएनएल टावर के लिए भी दो अलग-अलग ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं।