शारदीय नवरात्र शुरू होते ही उत्तर भारत के सुविख्यात मां पूर्णागिरि धाम में भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी है। मंगलवार को प्रथम नवरात्र पर करीब 20 हजार से अधिक भक्तों ने मां पूर्णागिरि के दर्शन किए। श्रद्धालुओं की आवाजाही से क्षेत्र में रौनक बन गई है।
नवरात्र की पूर्व संध्या से ही मां पूर्णागिरि के दर्शन के लिए देश के कोने-कोने से भक्तों की आवक शुरू हो गई थी। भीड़ का आलम यह था कि शहर के सारे होटल फुल रहे। भीड़ नियंत्रित करने को मुख्य मंदिर से पहले कई जगह बेरिकेडिंग करनी पड़ी। सुरक्षा के लिए पूर्णागिरि क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात किया गया है। सुरक्षा के चलते इस बार श्रद्धालुओं को दस फीट दूर से ही दर्शन करने पड़ रहे हैं। यात्रियों को धक्का-मुक्की और अन्य परेशानियों का सामना भी करना पड़ा।
एसडीएम नरेश दुर्गापाल और सीओ राजन सिंह रौतेला ने पूर्णागिरि का दौराकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। एसडीएम ने बताया कि प्रशासन और मंदिर समिति के लोग व्यवस्थाओं पर बराबर निगरानी रखे हैं। धाम में अधिकारी और कर्मचारियों को श्रद्धा पूर्वक यात्रियों की मदद करने के निर्देश दिए गए हैं। सीओ रौतेला ने बताया कि नवरात्र के मद्देनजर पूर्णागिरि और टनकपुर-बनबसा क्षेत्र में सुरक्षा के उचित प्रबंध किए गए हैं। शारदा स्नानघाट के अलावा बूम घाट और बनबसा बैराज क्षेत्र में तैराक पुलिस तैनात की गई है।
पूर्णागिरि के नागा क्षेत्र में श्रीमद्भागवत कथा शुरू
मां पूर्णागिरि धाम के नागा क्षेत्र में मंगलवार से श्रीमद्भागवत कथा शुरू हो गई है। नागा साधू सनातन गिरि महाराज द्वारा हरदोई के भक्त अखिलेश शुक्ला के सहयोग से इस बार भागवत कथा की जा रही है। सनातन गिरि महाराज ने बताया कि हरदोई के कथावाचक पं.शशिभान शास्त्री द्वारा कथा का वृत्तांत सुनाया जा रहा है। दोपहर एक से सायं पांच बजे तक कथा हो रही है। उन्होंने बताया कि 21 अक्तूबर को भव्य आरती के साथ कथा का समापन होगा और 22 अक्तूबर को विशाल भंडारा होगा।