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जय माता दी के उद्घोष से फिर गुंजायमान हुआ पूर्णागिरि धाम

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मां पूर्णागिरि धाम में प्रथम नवरात्र को दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्घालुओं की भीड़। - फोटो : TANAKPUR
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टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम में प्रथम नवरात्र पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवी मां के दर्शन को पहुंचे। कोरोना के कारण हालांकि श्रद्धालुओं की संख्या उम्मीद से कम रही, लेकिन कोरोना के डर पर आस्था भारी नजर आई। नवरात्र के पहले दिन धाम क्षेत्र एक बार फिर जय माता दी के उद्घोष से गुंजायमान रहा। उत्तर भारत समेत के देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए दस हजार से ज्यादा भक्तों ने मां के दरबार में मत्था टेककर सुख- समृद्धि की कामनाएं की। सुरक्षा को लेकर पुलिस अलर्ट बनी रही। मेला प्रशासन और मंदिर के लोग कोरोना से बचाव और व्यवस्थाओं को लेकर खासे सक्रिय रहे।
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30 मार्च से शुरू हुए उत्तर भारत के प्रसिद्ध पूर्णागिरि मेले में हर दिन दूर-दराज से श्रद्धालुओं की आवाजाही का सिलसिला लगातार बना हुआ है। कोरोना की वजह से श्रद्धालुओं की आवक कम हो गई है, लेकिन दर्शन को पहुंच रहे श्रद्धालुओं में आस्था पर कोरोना भय से ज्यादा विश्वास नजर आ रहा है। मंगलवार को नवरात्र के पहले दिन सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवक बढ़ गई थी, जिस कारण भक्तों को दर्शन के लिए लाइन में खड़े रहना पड़ा। यूपी समेत देश के अन्य हिस्सों से हजारों श्रद्धालु देवी मां के धाम पहुंचे। सुबह से शाम तक दस हजार से ज्यादा भक्तों ने मां के दरबार में हाजिरी लगाई।
मेला सुरक्षा प्रभारी सीओ अविनाश वर्मा ने शहर मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों को लेकर अलर्ट बने रहने के निर्देश दिए। सीओ ने बताया कि निरीक्षण में सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद मिली। शारदा स्नानघाट और नेपाल सीमा पर सुरक्षा कर्मी ड्यूटी पर तैनात मिले। जल पुलिस को स्नान कर रहे श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है।
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उम्मीद से कम आए श्रद्धालु
नवरात्र के पहले दिन पूर्णागिरि दर्शन को उम्मीद से कम श्रद्धालु पहुंचे। मेला प्रशासन, मंदिर समिति, धाम के पुजारी और कारोबारियों को उम्मीद थी कि नवरात्रों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमडे़गी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कोरोना के खतरे की वजह से श्रद्धालु कम आए। माना जा रहा है कि गेहूं की फसल कटाई और यूपी में पंचायती चुनाव के कारण भी श्रद्धालुओं की आवक कम रही।
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