बनबसा के गेहूं क्रय केंद्र में गेहूं तौलते कर्मचारी।
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चंपावत। जिले में गेहूं की खरीद की रफ्तार काफी धीमी है। दस दिन बीत गए हैं, लेकिन सिर्फ 123 क्विंटल गेहूं की ही खरीद हो सकी है। लॉकडाउन की वजह से इस बार पहली अप्रैल के बजाय 15 अप्रैल से गेहूं क्रय केंद्र खोले गए।
जिला सहायक निबंधक (एआर) सुरेंद्र पाल ने बताया कि टनकपुर और बनबसा के गेहूं खरीद केंद्रों में 15 अप्रैल से किसानों से खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। शुरुआती कुछ दिनों में किसानों का पंजीकरण किया गया। 16 किसानों ने कुल 123 क्विंटल गेहूं क्रय किया है। सहकारी समिति के सचिव दीनानाथ वर्मा ने बताया कि गेहूं की रकम दो दिन के भीतर किसानों के बैंक खाते में ट्रांसफर की जा रही है। इस बार 1925 रुपये क्विंटल के अलावा बोनस के रूप में प्रति क्विंटल 20 रुपये किसान को मिलेंगे। एआर सुरेंद्र पाल ने बताया कि कोरोना से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग और अन्य निर्देशों का पालन कर गेहूं की खरीद के लिए काश्तकारों को प्रेरित किया जा रहा है। चंपावत जिले में सात हजार मीट्रिक टन से अधिक पैदावार होती है, लेकिन क्रय केंद्रों में काफी कम गेहूं लाया जाता है। पिछले साल 2800 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई थी।