इस माह सस्ता गल्ला विक्रेताओं को राशन के साथ दाल वितरण करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री दाल पोषित योजना के तहत प्रत्येक राशन कार्ड धारक को दो किलो चने की दाल का वितरण किया जाना है। दाल की खरीद को लेकर दुकानों में उपभोक्ताओं की भीड़ उमड़ रही है।
इस माह प्रत्येक सस्ता गल्ला विक्रेता को उपभोक्ताओं को राशन के साथ दाल भी बांटना है लेकिन दुकानों को कुल कार्डों के सापेक्ष 75 प्रतिशत दाल का ही आवंटन किया गया है जिससे उपभोक्ताओं में असंतोष पनपने की संभावना है।
वहीं सस्तागल्ला विक्रेताओं के लिए सरकार का यह निर्णय परेशानी पैदा करने वाला सबित होगा। पूर्व की भांति राशन तो पूरा वितरित किया जा रहा है लेकिन शत प्रतिशत कार्डों पर 75 प्रतिशत दाल आवंटन से शेष 25 प्रतिशत उपभोक्ताओं को दाल का वितरण नहीं हो पाएगा। बता दें कि कंट्रोल पर वितरित की जाने वाली चने की दाल का मूल्य 44 रुपये प्रति किलो निर्धारित किया गया है।
प्रति कार्ड दो किलो दाल का वितरण किया जाना है। पूर्ति निरीक्षक भरत सिंह राणा ने बताया कि सस्ता गल्ला की दुकानों पर दाल का वितरण किए जाने की योजना केंद्र सरकार की है जिसे राज्य सरकार ने प्रायोगिक तौर पर इस माह से शुरू किया है। फिलहाल सस्तागल्ला विक्रेताओं को कार्ड धारकों की 75 प्रतिशत दाल आवंटित की गई है। योजना सफल रहने पर संभावना है कि शत प्रतिशत कार्ड धारकों के हिसाब से दाल का वितरण किया जा सकता है।