पंचेश्वर त्रिवेणी स्नान के लिए देव डांगर।
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नेपाल सीमा से लगे गुमदेश के तीन दिवसीय चैतोला मेले की सभी तैयारियां पूरी हो गई हैं। 25 मार्च से शुरू होने वाले मेले को लेकर क्षेत्रीय लोगों में खासा उत्साह बना हुआ है। चैत्र नवरात्र के शुभारंभ पर लोक देवताओं के डांगरों को पंचेश्वर की त्रिवेणी और सूरज कुंड में पवित्र स्नान कराया गया।
रविवार को तड़के मेला समिति के अध्यक्ष और पुरोहित शंकर दत्त पांडेय आदि ने भगवती, चमू देवता, रुद्र देवता, लाटा देवता, भरगाड़ा देवता के डांगरों को पंचेश्वर की पवित्र त्रिवेणी में स्नान कराया। जहां लोक देवताओं ने अवतरित होकर भक्तों को आशीर्वाद दिया। बाद में यहां से पवित्र जल लेकर क्षेत्र के चमू देवता मंदिर, चमूखल चौपता, रुद्र देवता मंदिर सीलिंग और भगवती और सिद्ध मंदिर मड़ में जलाभिषेक के बाद विशेष पूजा-अर्चना का दौर शुरू हो गया।
मेला समिति के अध्यक्ष पांडेय ने बताया कि 24 मार्च तक यहां के सभी मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना होगी। जबकि 25 मार्च से तीन दिवसीय मेला शुरू होगा। उद्घाटन के दिन 25 को जमान (चमू देवता का डोला) को चमू देवता मंदिर से सिद्ध मंदिर मठ गांव में लाया जाएगा। जहां रातभर विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। दूसरे दिन जत्थों के रूप में चमू देवता की शोभायात्रा निकाली जाएगी। अंतिम दिन यहां व्यापारिक मेला होगा। आयोजन में चैतोला मेला कमेटी के अध्यक्ष पांडेय, विनोद धौनी, खीमराज धौनी, विकास पाटनी, शिवराज धौनी, नरसिंह धौनी, दिवान सिंह, गंभीर सिंह धौनी, मनमोहन धौनी, जोगा सिंह धौनी आदि जुटे हुए हैं।