पाटी विकासखंड के मूलाकोट क्षेत्र में पेयजल की भारी किल्लत मुसीबत बन रही है। यहां बीते 20 दिनों से पानी नहीं आ रहा है। ग्रामीण गाड़-गधेरों से पानी ढोने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने जल संस्थान पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए खाली बर्तन लेकर प्रदर्शन किया। योजना को जल्द ठीक नहीं कराने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
सामाजिक कार्यकर्ता गंगा सिंह अधिकारी, प्रधान डूंगर सिंह, हर सिंह, प्रकाश सिंह, भूमि देवी, मनली देवी, कमला देवी, पूरन भट्ट, खुशाल दत्त, भैरव दत्त आदि का कहना है कि लग्गाभाम-मूलाकोट योजना से मूलाकोट, अमौली, कांडे, मटियाली गांवों को पेयजल आपूर्ति होती है।
पानी नहीं आने से 300 परिवारों को पेयजल समस्या से जूझना पड़ रहा है। लोग शिवानी नौले, बड़ाखाली गाड़ गधेरों से दूषित पानी लाने को मजबूर हो रहे हैं। प्रदर्शन करने वालों में प्रकाश सिंह, भैरव दत्त, दलीप राम, रमेश वर्मा, गोविंद सिंह, इंद्र सिंह, गोविंद सिंह, खुशाल दत्त आदि शामिल थे।
स्रोत में पानी कम होने और श्रोत से पानी रिसने के कारण दिक्कतें आ रही हैं, जिसे ठीक करने के लिए बृहस्पतिवार से कर्मियों को काम पर भेजा जा रहा है। -चंद्रशेखर पंत, कनिष्ठ अभियंता, जल संस्थान, पाटी।
गाड़-गधेरों से पानी ढो रहे कूब्ड़ा तोक के लोग
लोहाघाट (चंपावत)। बाराकोट विकासखंड के पाड़ासोंसेरा के कूब्ड़ा तोक में पेयजल योजना नहीं होने से ग्रामीण नौलों-गधेरों से पानी ढोने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने जन प्रतिनिधियों पर वायदा खिलाफी का आरोप लगाते हुए यहां पेयजल योजना नहीं बनाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। कूब्ड़ा तोक में 25 से अधिक परिवार रहते हैं।
ग्रामीण उमेद सिंह, राम सिंह, लक्ष्मण सिंह, देव सिंह, देवकी देवी आदि कहना है कि गर्मी में नौले का पानी भी रसातल पर पहुंच जाता है, जिससे कई बार कई खाली लौटना पड़ता है। कई बार तो यहां मारपीट तक कि नौबत आ जाती है। विभाग, प्रशासन को भी समस्या की जानकारी दी, लेकिन कुछ नहीं हुआ।