मौसम के उतारचढ़ाव के बीच मंगलवार को जिले भर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने चंपावत में जोरदार प्रदर्शन किया। मोटर स्टेशन रोड से शुरू हो कलक्ट्रेट तक गई रैली में प्रदेश सरकार और बाल विकास मंत्री के खिलाफ नारेबाजी भी की। सात सूत्री मांगों पर कार्रवाई न होने तक आंदोलन जारी रखने का शंखनाद भी रैली के माध्यम से किया गया। रैली में जिले के चारों ब्लॉकों चंपावत, लोहाघाट, पाटी और बाराकोट की सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
प्रदेश संगठन के आह्वान पर छह जनवरी से बेमियादी आंदोलन कर रहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा कि विभाग की मुखिया होने के बावजूद मंत्री रेखा आर्या आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के काम को कम आंक रही हैं। आरोप लगाया कि मंत्री का यह कहना है कि कार्यकर्ता सिर्फ तीन घंटे काम करते हैं, एकदम गलत है। ऐसे गलत बयान से वह आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा कर रही हैं। जिलाध्यक्ष मीना बोरा के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में चंपावत ब्लॉक की अध्यक्ष तुलसी, लोहाघाट की अध्यक्ष शर्मिला बोरा, बाराकोट की कुसुम अधिकारी, पाटी ब्लॉक की अध्यक्ष नीमा राणा, विमला पनेरू, दीपा पांडेय, दमयंती वर्मा आदि ने विचार रखे।
ये हैं प्रमुख मांगें:
काम के बदले पूरा दाम, 18 हजार रुपये मासिक मानदेय, समान कार्य के लिए समान मानदेये, सहायिकाओं को आंगनबाड़ी के मानदेय का 75 फीसदी, विभागीय पदोन्नति करने, आयु सीमा का बंधन समाप्त कर रिक्त पदों पर उसी केंद्र की सहायिकाओं को नियुक्ति देने, दीपावली बोनस और यात्रा भत्ता।
हड़ताल से लटके सभी 681 केंद्रों में ताले
चंपावत। आंगनबाड़ी सहायिकाएं और कार्यकर्ताओं की हड़ताल से जिले के सभी 681 केंद्र और मिनी केंद्रों की व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं। इन सभी केंद्रों में ताले लटक गए हैं। शिशुओं के पोषाहार वितरण से लेकर गर्भवती व धात्री महिलाओं के चेकअप और अन्य व्यवस्थाएं प्रभावित हुई हैं। इसके अलावा मातृ वंदन योजना, बूथ लेवल अफसर का काम बंद होने से भी व्यापक असर पड़ा है। जिला कार्यक्रम अधिकारी पीएस बृजवाल भी मानते हैं कि हड़ताल से केंद्रों का कामकाज ठप हुआ है।