सात सूत्री मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कार्य बहिष्कार आठवें दिन जारी रहा। सोमवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट में धरना देकर महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि रेखा आर्या उनके विभाग की मुखिया होने के बावजूद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से महज तीन घंटे कार्य करने का बयान दिया जा रहा है। जबकि कार्यकर्ता 24 घंटे कार्य के प्रति तत्पर रहती हैं। कार्यकर्ता प्रतिमाह 18 हजार रुपये मासिक मानदेय, मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों का उच्चीकरण, सहायिका के मानदेय में 75 फीसदी वृद्धि, विभागीय पदोन्नति देने के साथ आयु सीमा हटाने, वरिष्ठता के आधार पर हर माह मानदेय बढ़ाने, दीपावली बोनस और यात्रा भत्ता देने की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं।
सरकार की उपेक्षा के चलते जिले के सभी 681 आंगनबाड़ी केंद्रों में ताले लटक गए हैं। हड़ताल के चलते पोषण योजना समेत अन्य सरकारी कार्यक्रम ठप हैं। वहां जिला महामंत्री विमला पनेरू, ब्लॉक महामंत्री दीपा पांडेय, तुलसी सेठी, बीना पांडेय, शोभना पांडेय, शशिप्रभा, विमला पनेरू, दीपा पांडेय, सोनम बोहरा, शोभा, सुनीता पांडेय और गीता देवी शामिल रहीं।
इधर लोहाघाट में संगठन की जिलाध्यक्ष मीना बोहरा, ब्लाक अध्यक्ष शर्मिला बोहरा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कचहरी परिसर में नारेबाजी की। वहां समीना, सरिता, अनीता, जानकी, किरन, सीता आदि मौजूद थी। बाराकोट में दमयंती वर्मा के नेतृत्व में तुलसी देवी, कुसुम अधिकारी, कमला मेहता, हंसी जोशी, योगिता, नीरू, पुष्पा आदि थीं।