चंपावत। जिला अस्पताल में तैनात डॉक्टर दंपती के खिलाफ चल रही गुटबाजी से लोगों में आक्रोश है। गुस्साएं लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर जिला अस्पताल प्रबंधन का पुतला फूंका। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर निजी अस्पतालों के साथ सांठ-गांठ करने आरोप लगाया। जिला अस्पताल में तैनात सर्जन डॉ.राहुल चौहान और महिला रोग विशेषज्ञ डॉ.मोनिका चौहान की कर्तव्यनिष्ठा से अस्पताल के एक गुट असंतुष्ट है। जिससे उन्हें बार-बार परेशान किया जा रहा है।
शुक्रवार को मुख्य बाजार में विभिन्न संगठनों ने सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी और पीएमएस डॉ.आरके जोशी के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना था कि जिला अस्पताल में ढाई साल के बाद महिला रोग विशेषज्ञ की तैनाती हुई है। महिला रोग विशेषज्ञ डॉ मोनिका चौहान और उनके पति सर्जन डॉ. राहुल चौहान की तैनाती के बाद मरीजों को रेफर करने के मामलों में अंकुश लगा है। पहले जिला अस्पताल में 15 से 20 प्रसव हुआ करते थे वहीं पिछले ढाई माह के भीतर डॉक्टर चौहान दंपती ने यहां 50 से अधिक जटिल प्रसव करवाकर गरीब जनता के लाखों रुपये बर्बाद होने से बचाए हैं। लेकिन जिला अस्पताल का एक गुट इनको हटाने की साजिश रच रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य सचिव को ज्ञापन भेजकर स्वास्थ्य विभाग में तैनात उच्चाधिकारियों का स्थानांतरण करने की मांग की है। इस मौके पर पालिकाध्यक्ष विजय वर्मा, व्यापार मंडल अध्यक्ष अमरनाथ सक्टा, भाजपा नगर अध्यक्ष कैलाश अधिकारी, युकां जिलाध्यक्ष सूरज प्रहरी, छात्र संघ अध्यक्ष रोहित कार्की, पूर्व जिला पंचायत सदस्य मुकेश महराना, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष सूरज प्रहरी, सभासद नंदन तड़ागी, रोहित बिष्ट, मोनू नेगी, सपा जिलाध्यक्ष ललित मोहन भट्ट, रमेश भंडारी, कृष्णा जोशी, सुंदर बोहरा थे।
जिला अस्पताल में तैनात सर्जन दंपती को प्रबंधन की ओर से सहयोग करने की शिकायत निराधार है। सर्जन दंपति का रुका हुआ वेतन भुगतान करने के लिए पत्राचार किया जा रहा है। जिला अस्पताल के डाक्टरों को निजी अस्पतालों में प्रैक्टिस न करने संबंधी पत्र जारी किया गया है।
-डॉ.आरके जोशी, पीएमसएस, जिला अस्पताल।
प्राइवेट प्रैक्टिस करने का आरोप बेबुनियाद
चंपावत। जिला अस्पताल के सर्जन दंपति ने प्राइवेट अस्पताल में प्रैक्टिस करने आरोप को बेबुनियाद बताया। सर्जन डॉ.राहुल चौहान और महिला रोग विशेषज्ञ डॉ .मोनिका चौहान ने कहा है कि यदि कोई प्राईवेट अस्पताल में प्रैक्टिस करने आरोप को सही साबित कर दे तो वह हर कार्रवाई के लिए तैयार हैं।