जिले के 16 राजकीय इंटर कॉलेजों को प्रभारी प्रधानाचार्य मिल गए हैं। जिले में 57 राजकीय इंटर कॉलेज हैं, जिसमें अब तक 46 पद प्रधानाचार्यों के रिक्त थे। ताजा नियुक्तियां होने के बाद 30 विद्यालय अब भी प्रधानाचार्य विहीन रह जाएंगे। इसी प्रकार 47 राजकीय हाईस्कूलों में मात्र आठ विद्यालयों में प्रधानाध्यापक हैं। शेष में प्रभारी व्यवस्था से काम चलाया जा रहा है।
राज्य सरकार द्वारा की गई ताजा नियुक्तियों में जीआईसी खेतीखान में राजेंद्र सक्सेना, अमोड़ी में एआर त्यागी, स्वांला में सुरेंद्र कुमार, दियूरी में जय चंद यादव, जीआईसी बर्दाखान में प्रकाश चंद्र जोशी, कर्णकरायत में बिशन सिंह बसेड़ा, जीजीआईसी चमदेवल में गीता चंद, जीजीआईसी टनकपुर में अनुराधा दुबे, जीआईसी देवीधुरा में सुरेश सिंह, जीआईसी डोबाभागू में प्रणव प्रकाश मिश्र, जीआईसी दयारतोली में दीपक कुमार गंगवार, जीआईसी बापरू में महेंद्र प्रताप सिंह, जीआईसी किमतोली में गुलाब चंद्र शर्मा, जीआईसी धौन में जेएस अधिकारी, जीआईसी सुंई ब्रजेंद्र प्रताप बर्नवाल, जीआईसी जानकीधार में पीसी उपाध्याय की नियुक्ति की गई है।
जीजीआईसी में प्रधानाचार्या ने नहीं लिया चार्ज
जीजीआईसी में 15 साल बाद पूर्ण कालिक प्रधानाचार्या की नियुक्ति हुई है, लेकिन उन्होंने अब तक कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। शासन की ओर से राजकीय हाईस्कूल दिनेशपुर की प्रधानाचार्य नीलम कटियार को पदोन्नत कर जीजीआईसी लोहाघाट भेजा गया था। उन्होंने अपना स्थान बदलने के लिए काफी प्रयास किया। उनके कार्यभार ग्रहण करने की अंतिम तिथि समाप्त हो गई है। पीटीए अध्यक्ष लीलांबर गहतोड़ी का कहना है कि विद्यालय और छात्राओं के हित में यहां स्थायी प्रधानाचार्या की आवश्यकता है।