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पुजारियों और कारोबारियों को अब नवरात्रों से उम्मीद

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सौंदर्यीकरण के बाद चमचमाता शारदा स्नानघाट का प्रवेश द्वार। - फोटो : TANAKPUR
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टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम में श्रद्धालुओं की आवक कम होने से मेले की रौनक फीकी पड़ गई है। श्रद्धालुओं की कमी से निराश धाम के पुजारियों और कारोबारियों को अब नवरात्रों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। बृहस्पतिवार को करीब ढाई हजार भक्तों ने देवी मां के दर्शन कर पुण्य कमाया।
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होली क अगले दिन यानी 30 मार्च से शुरू हुए मेले में शुरूआती तीन दिनों में जहां श्रद्धालुओं की खासी भीड़ उमड़ी, वहीं अब श्रद्धालुओं की संख्या का आंकड़ा दो से तीन हजार के बीच सिमट गया है। कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे के मध्यनजर राज्य की सीमाओं पर हो रही सख्ती के साथ ही गेहूं की फसल कटाई के काम में व्यस्तता के चलते श्रद्धालुओं की संख्या में गिरावट आ गई है। उत्तर भारत के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालुओं की आवक थम गई है। उत्तराखंड की सीमा से लगे यूपी के आसपास क्षेत्रों से ही श्रद्धालु मां के दरबार पहुंच रहे हैं। मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय का कहना है कि नवरात्रों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की उम्मीद है।
इधर श्रद्धालुओं की कमी का असर मां पूर्णागिरि धाम के साथ ही पड़ोसी देश नेपाल की सिद्ध बाबा स्थली ब्रह्मदेव बाजार की रौनक भी फीकी पड़ गई है। सिद्धनाथ मंदिर समिति के कोषाध्यक्ष दशरथ भारती ने बताया कि मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तमाम व्यवस्थाएं की है, लेकिन इन दिनों श्रद्धालुओं की संख्या बेहद कम हो गई है।
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पालिका ने चमकाया स्नानघाट का प्रवेश द्वार
पूर्णागिरि मेले के बीच स्नानघाट के सौंदर्यीकरण का काम तेजी से चल रहा है। रेलवे स्टेशन की तर्ज पर नए रंग रूप से स्नानघाट का प्रवेश द्वार भी रंग-बिरंगी रोशनी से चमकने लगा है। नगर पालिका अध्यक्ष विपिन कुमार ने बताया कि पालिका मद से स्नानघाट के प्रवेश द्वार को आकर्षक बनाया गया है। इसके अलावा सौंदर्यीकरण से समूचे स्नानघाट परिसर को आकर्षक और सुंदर बनाया जा रहा है। संवाद
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