चंपावत। चंपावत जिला अस्पताल में शुक्रवार को एक जटिल प्रसव आसानी से हो गया। गायनाकोलॉजिस्ट और सर्जन भी ऑपरेशन की तैयारी में थे। इस बीच डॉक्टरों के थोड़े से प्रयास से गर्भवती महिला ने नवजात को जन्म दिया।
जिला अस्पताल में जुलाई 2018 से गायनाकोलॉजिस्ट नहीं होने से गर्भवती महिलाओं को अक्सर दिक्कत होती थी। आमतौर पर थोड़े भी जटिल मामलों को रेफर करना पड़ता था। लेकिन अब पिछले माह से गायनाकोलॉजिस्ट की तैनाती के बाद हालात में सुधार हुआ है। शुक्रवार को चंपावत के पास के तल्ली मांदली की नाजिमा बेगम (30) साल की महिला को एकाएक प्रसव पीड़ा होने पर परिजन जिला अस्पताल लाए। गायनाकोलॉजिस्ट डॉ. मोनिका रानी और डॉ. राहुल चौहान ने गर्भवती महिला का परीक्षण किया, तो पाया कि नवजात की नाल फंसी हुई थी। साथ ही नवजात का सिर नीचे की ओर नहीं आ रहा था। प्रसूता को खतरे से बचाने के लिए अस्पताल में ऑपरेशन की तैयारी की जा रही थी। इस बीच दोनों डॉक्टरों ने एक बार फिर कोशिश की। और करीब आधे घंटे के प्रयास में महिला का सामान्य प्रसव हो गया। प्रमुख चिकित्साधीक्षक डॉ. आरके जोशी ने बताया कि गायनाकोलॉजिस्ट के आने के बाद गर्भवती महिलाओं को बेहतर सुविधा मिल पा रही है और रेफर किए जा रहे मामलों में भी कमी आ रही है।