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Champawat News: बालेश्वर मंदिर समूह की खंडित मूर्तियों को संजोने की तैयारी

Thu, 08 Jan 2026 10:57 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
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 चंपावत बालेश्वर मंदिर रखी गई खंडित मूर्तियां। संवाद
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चंपावत। नगर के बालेश्वर मंदिर समूह में खंडित मूर्तियों संग्रहालय में रखने की तैयारी की जा रही है। संग्रहालय निर्माण के लिए भारतीय पुरातत्व विभाग ने प्रशासन से जमीन देने की अपील की है। बालेश्वर मंदिर को राष्ट्रीय विरासत स्मारक के रूप में वर्ष 1952 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने संरक्षित किया था। चंद शासकों ने 13वीं सदी में बालेश्वर मंदिर की स्थापना की थी। मंदिर में मौजूद शिलालेख के अनुसार यह मंदिर वर्ष 1272 में बना था।
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मंदिर में विशालकाय शिलाओं को आपस में ऐसे जोड़ा गया है कि 750 वर्ष बाद भी मंदिर स्थिर है। बालेश्वर मंदिर समूह में 1742 में रूहेलों ने आक्रमण कर मंदिर परिसर में स्थापित सैकड़ों मूर्तियों को खंडित कर दिया गया था। इन मूर्तियों को मंदिर परिसर में किनारे पर रखा गया है। ऐसे में बेजोड़ इतिहास को संजोए इन मूर्तियों को श्रद्धालु और लोगों के लिए देख पाना आसान नहीं होता है। हर मूर्ति की अपने आप में एक विशेषता है।
अधीक्षण पुरातत्वविद् देहरादून मोहन चंद्र जोशी ने कहा कि मंदिर परिसर में रखी खंडित मूर्तियों के लिए संग्रहालय निर्माण की योजना है। परिसर में जगह नहीं है। अगर जिला प्रशासन भूमि उपलब्ध कराता है तो संग्रहालय का निर्माण कर खंडित मूर्तियों को वहां रखा जाएगा। इससे जुड़े इतिहास को भी संग्रहालय में अंकित किया जाएगा। साथ ही अन्य ऐतिहासिक धरोहरों को भी रखा जाएगा। इससे धार्मिक पर्यटन भी बढ़ेगा। संवाद
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