पिथौरागढ़ महिला अस्पताल में नवजात शिशु का उपचार करते डॉ.जेएस नबियाल।
- फोटो : अमर उजाला
पहाड़ पर स्वास्थ्य सेवाएं किस तरह से लड़खड़ाईं हैं इसकी एक बानगी लोहाघाट में देखने को मिली। लोहाघाट अस्पताल में जरूरी सुविधाएं न होने और चंपावत जिला अस्पताल में स्त्री रोग विशेषत्र के न होने से पंचेश्वर के वरुली गांव की गर्भवती को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल रेफर किया जाता रहा।
इसके चलते उसे और उसके परिजनों को शुक्रवार की रात काफी फजीहत झेलनी पड़ी। इस दौरान 108 एंबुलेंस सेवा भी दगा दे गई। 108 सेवा के कर्मचारियों के महिला को हायर सेंटर ले जाने से इनकार करने पर परिजनों ने जमकर हंगामा भी किया। बाद में चंपावत जिला अस्पताल के सीएमएस ने अस्पताल की एंबुलेंस से महिला को पिथौरागढ़ महिला अस्पताल भिजवाया, जहां उसने शनिवार को आठवीं संतान को जन्म दिया। वजन कम होने के चलते नवजात की हालत गंभीर बनी हुई है।
शुक्रवार रात 9.30 बजे मनी देवी (35) पत्नी प्रकाश राम को लोहाघाट से जिला अस्पताल चंपावत रेफर किया गया। यहां मनी देवी की गंभीर हालत को देखते हुए डॉ.प्रदीप बिष्ट और डॉ.श्वेता खर्कवाल ने उसे पिथौरागढ़ महिला अस्पताल रेफर किया। परिजन प्रसूता को एक निजी अस्पताल में ले गए, लेकिन वहां इलाज में आने वाले खर्च को वहन करने में असमर्थ होने पर वे फिर से मनी देवी को चंपावत जिला अस्पताल ले आए। परिजनों ने अस्पताल से ही 108 के लिए कॉल की, लेकिन 108 सेवा कर्मियों ने महिला को ले जाने से इनकार कर दिया। इस पर महिला के परिजनों ने शुक्रवार रात अस्पताल में हंगामा कर दिया। बाद में सीएमएस डॉ.आरके जोशी ने रात 12.45 बजे अस्पताल की एंबुलेंस से महिला को पिथौरागढ़ भेजने की व्यवस्था की। गर्भवती को तड़के चार बजे पिथौरागढ़ महिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसने बच्चे कोे जन्म दिया। महिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ जयराज सिंह नब्याल ने बताया कि नवजात का वजन महज तीन किलोग्राम है। उसे सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है। गंभीर हालत को देखते हुए नवजात को सघन निरीक्षण में रखा गया है।
आफत बन रही बीमार 108, सीएमएस ने पत्र भेजा
चंपावत जिले की आपात चिकित्सा सेवा 108 ने एक बार फिर दगा दे दिया। इस सेवा के बीमार होने से मरीजों पर मुसीबत आ रही है। चंपावत की 108 सेवा में डीजल नहीं था। लोहाघाट की आपात सेवा तकनीकी खामी के चलते रात में आवाजाही लायक नहीं थी और पाटी, रीठा साहिब की 108 सेवा 20 किमी से अधिक का फासला तय करने की स्थिति में नहीं है। इसके चलते शुक्रवार रात को गर्भवती को भी काफी देर तक वाहन का इंतजार करना पड़ा। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ.आरके जोशी ने 108 सेवा की खराब हालत और जिला अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं होने से हो रही परेशानी का जिक्र करते हुए स्वास्थ्य महानिदेशक को पत्र भेजा है।
जटिल केसों को सीधे पिथौरागढ़ रेफर करें : सीएमओ
लोहाघाट, बाराकोट और पाटी के अस्पतालों से गर्भवती महिलाओं के जटिल केसों को चंपावत जिला अस्पताल के बजाय पिथौरागढ़ रेफर किया जाएगा। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.आरपी खंडूरी ने सभी अस्पतालों को इस आशय के निर्देश दिए हैं। कहा कि स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं होने से जटिल मामलों को जिला अस्पताल से पिथौरागढ़ महिला अस्पताल रेफर करना पड़ता है। इसके चलते मरीज को बेवजह वक्त बर्बाद करना पड़ता है।