चंपावत के पुलहिंडोला में फास्ट फूड तैयार करते प्रवासी रवि सिंह धौनी।
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चंपावत। जिले के सीमांत क्षेत्र के कांकड़ी मडलक के प्रवासी रवि सिंह धौनी बेरोजगार युवाओं के लिए मिसाल बन गए हैं। लॉकडाउन में नौकरी गंवा चुके प्रवासी रवि सिंह ने घर आकर पुल हिंडोला में खुद का फास्ट फूड का कारोबार शुरू किया। वह दो अन्य लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं। छह माह में ही उनका फास्ट फूड का कारोबार गति पकड़ चुका है।
हरियाणा, दिल्ली, पंजाब आदि राज्यों में नौकरी कर चुके रवि स्वरोजगार कर रवि ने बिना किसी बैंक सहायता के अपनी जमा पूंजी से ही स्वरोजगार किया है। वह मोमो, चाउमीन आदि चीनी व्यंजनों समेत अन्य फास्ट फूड के व्यंजनों को स्थानीय लोग हाथोंहाथ ले रहे हैं। सीमांत क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता अमित सिंह भंडारी का कहना है कि रवि ने स्वरोजगार करने के लिए सरकारी मदद के मोहताज युवाओं को आइना दिखाने का काम किया है। उनकी देखा देखी अन्य युवा भी स्वरोजगार के क्षेत्र में आगे आ रहे हैं।
स्थानीय युवा चाहे तो पा सकते हैं घर में ही रोजगार
चंपावत। सीमांत कांकड़ी मडलक निवासी रवि सिंह धौनी का कहना है कि स्थानीय युवा रोजगार पाने के लिए महानगरों को पलायन करने के बजाय अपने ही घर में रोजगार कर सकते हैं। लॉकडाउन के कारण बेरोजगारी का दंश झेल रहे युवा महानगरों में जो कार्य करते थे, उससे संबंधित कार्य वह अपने घर अथवा आसपास के क्षेत्रों में आजमा कर रोजगार कर सकते हैं। (संवाद)