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पीपीपी मोड अस्पताल में नहीं हो रहा है इलाज

Wed, 22 Apr 2015 11:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/चंपावत
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न्यायिक बंदीगृह में जिला जज बीएस दुग्ताल के निर्देशन में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में कैदियों ने उन्हें इलाज न मिलने समेत तमाम कठिनाइयाें से अवगत कराया। एक महिला कैदी कई दिनों से पथरी से पीड़ित है। वहीं कैदी राकेश वाल्मीकि हृदय रोग से, गुलजार अहमद को चर्म रोग है, लेकिन उनका स्थानीय अस्पताल में यह कहकर उपचार नहीं किया जा रहा है कि अब यह अस्पताल पीपीपी मोड में चला गया है। कैदियों ने कहा कि सभी कमरों में खटमलों का साम्राज्य है, जिससे वे रात को सो भी नहीं सकते हैं।
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनमोहन सिंह ने कैदियों की बातों को काफी गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार को तत्काल प्रभाव से कैदियों को सभी देय सुविधाएं मुहैया करने, रोगियों का उपचार कराने और यहां की पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था को ठीक करने का आदेश दिया। उनका कहना था कि यहां कैदियों के साथ जानवरों का जैसा व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कैदियों को कानून के विभिन्न पहलुआें की जानकारी देते हुए कहा कि जो पैरवी के लिए अपना वकील रखने के लिए सक्षम नहीं हैं, वे प्राधिकरण में आवेदन कर इस सुविधा को प्राप्त कर सकते हैं। इस अवसर पर डीजीसी भाष्कर मुरारी, एपीओ आलोक पांडेय, विजय राय, रमेश गौतम, जेल राजस्व निरीक्षक जोतराम, एसआई मीनाक्षी नौटियाल भी मौजूद थी।
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