चंपावत। अल्प बचत सहित राष्ट्रीय बचत योजनाओं के लिए उपभोक्ताओं को प्रोत्साहित करने वाली डाकघर की महिला अभिकर्ताओं ने सोमवार को मुख्य डाकघर में प्रदर्शन किया। महिला प्रधान अभिकर्ताओं का कहना था कि जब से मुख्य डाकघर में कोर बैंकिंग सेवा शुरू हुई है तब से अभिकर्ताओं के एजेंट कोड नहीं खुल रहे हैं। जिससे दूरदराज क्षेत्रों से आने वाली महिला अभिकर्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बीते एक माह से महिला अभिकर्ताओं की ओर से उपभोक्ताओं से ली गई आरडी की धनराशि खाताधारकों के खाते में जमा नहीं हो सकी है।
महिला अभिकर्ताओं की ओर से पोस्ट मास्टर जनरल देहरादून को भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि वह ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को अल्प बचत के साथ विभिन्न तरह की बैंकिंग सेवाओं से जोड़ते हैं। राष्ट्र की उन्नति में महिला अभिकर्ताओं का खासा योगदान है। लेकिन विभाग की ओर से कंप्यूटर सर्वर में आई खराबी को लंबे समय से दूर नहीं किया जा रहा है।
इस संबंध में शाखा पोस्ट मास्टर को जानकारी देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने शीघ्र कोर बैंकिंग के सर्वर को ठीक न किए जाने की सूरत में उग्र आंदोलन चलाने की चेतावनी दी है। प्रदर्शन करने और ज्ञापन देने वालों में कुसुम गहतोड़ी, तारा पांडेय, मीना तड़ागी, नीलम राय, प्रेमा पांडेय, जानकी जोशी, रूकमणी जोशी, मंजू अधिकारी, दीपा जोशी, राजेंद्र गहतोड़ी आदि शामिल रहे।
चंपावत। मुख्य डाकघर के पोस्ट मास्टर जगदीश पांडेय का कहना है कि चेन्नई से एजेंट पोर्टल बंद होने के कारण डाकघर को प्रतिदिन सात लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। पिछले माह 23 मई से एजेंट पोर्टल के लगातार बंद होने से अभिकर्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।