चंपावत। जिला मुख्यालय में रेशम विभाग के माध्यम से शहतूत पौधरोपण का कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के माध्यम से रेशम उत्पादन को बढ़ाने का काम किया जाएगा।
विभाग मनरेगा अभिसरण के माध्यम से 105 किसानों के माध्यम से पौधारोपण का कार्य करवा रही है। जिले के पाटी, बाराकोट, लोहाघाट और चंपावत ब्लॉक के विभिन्न गांवों में पौधरोपण किया जा रहा है। विभाग के दिवस चंद्र भट्ट ने बताया कि शहतूत के फल और पत्तियों में कई औषधीय गुण होते है। यह खून को साफ करता है।
शरीर की इम्युनिटी को बढ़ाता है। डायबिटिक मरीजों के लिए फायदेमंद है। त्वचा और बालों के लिए भी उपयोगी होता है। शहतूत के पेड़ की पत्तियां रेशम के कीड़ों को खिलाने के लिए बहुत महत्तवपूर्ण होती हैं। शहतूत का पेड़ रेशम उद्योग में भी उपयोगी होता है। शहतूत उत्पादन बढ़ाने के उपाय हो रहे हैं। जल्द इसके सुखद परिणाम मिलेंगे। संवाद