चंपावत। जिला मुख्यालय में इंडो नेपाल ट्रांसबाउंड्री फॉर बायोडायवर्सिटी कंजर्वेशन पर बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान दोनों देशों के वनाधिकारियों ने आपसी समन्वय के साथ काम करने पर सहमति जताई। नेपाल और भारत सीमा से सटे वन्य क्षेत्रों में पाए जाने वाले वन्य जीवों के बारे में भी चर्चा की गई।
शुक्रवार को डीएफओ नवीन पंत की अध्यक्षता में चंपावत वन विभाग सभागार में बैठक का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के पूर्व से ही मैत्री संबंध है। जैव विविधता में भी नेपाल-भारत में समानताएं हैं। भारत-नेपाल सीमा पर सटे जंगलों से जंगली जानवर एक दूसरे की सीमा पर प्रवेश करते हैं। इनका एक पाथ वे बना हुआ है। इसके अध्ययन की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि बाघों के साथ ही अन्य वन्य जीवों के शिकारों की रोकथाम के लिए कारगर तरीके से काम किया जा सकता है। सुदूर पश्चिम वन विभाग के निदेशक हेमराज सिंह बिष्ट ने कहा कि दोनों देशों के वन अधिकारी समन्वय स्थापित कर काम कर सकते हैं। इस दौरान नेपाल के वरिष्ठ कंजर्वेशन ऑफिसर लक्ष्मी राज जोशी ने पॉवर प्वाइंट के माध्यम से भारतीय सीमा से हाथी, बाघ और गैंडों की आवाजाही की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वह वन्य जीवों के संरक्षण को लेकर कार्य कर रहे हैं। इस दौरान एसडीओ नेहा सौन, डीएफओ नेपाल डडेलधुरा, राम विचारी ठाकुर समेत नेपाल, भारत के वन अधिकारी मौजूद रहे।