पहली बार उत्तराखंड से लगी संवेेदनशील नेपाल सीमा पर चुनाव के दौरान नेपाल के सीमांत कस्बों में शराब की दुकानें 48 घंटे बंद रहेगी। भारतीय प्रशासन की पहल पर नेपाल प्रशासन ने मतदान के दिन उत्तराखंड से लगे सीमांत कस्बों में शराब की दुकानें बंद रखने का फैसला लिया है। इसके लिए प्रशासनिक तौर पर आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
उत्तराखंड की 275 किमी. सीमा नेपाल से लगी है। इसमें पिथौरागढ़ जिले की 170, चंपावत जिले की 90 व ऊधम सिंह नगर जिले की 15 किमी. सीमा शामिल है। पिथौरागढ़ जिले की समूची और चंपावत जिले की अधिकांश सीमा में शारदा नदी सीमा रेखा है। जबकि टनकपुर के बूम से लेकर ऊधम सिंह नगर जिले की 27 किमी. सीमा में सीमा स्तंभ लगे हैं। नेपाल से लगा सीमावर्ती क्षेत्र सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील है। चुनावों के मद्देनजर इस सीमा की संवेदनशीलता और बढ़ जाती है। आगामी 15 फरवरी को हो रहे विधानसभा चुनाव में भी सीमावर्ती क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था चौकस की गई है। सीमा के दोनों ओर सुरक्षा चौकस करने को लेकर गत दोनों देशों के सीमांत जिलों के अधिकारियों के बीच बैठक में सुरक्षा का खाका तैयार किया गया है। चंपावत प्रशासन ने भी गत 16 जनवरी को नेपाल के अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें मतदान के मद्देनजर 72 घंटे के लिए भारत-नेपाल सीमा का सील रखने का फैसला लिया गया है। इस बार विशेष बात यह है कि भारतीय प्रशासन के आग्रह पर नेपाल प्रशासन ने मतदान के दिन अपने सीमांत कस्बों में शराब की दुकानें बंद रखने का फैसला लिया है। नेपाल के कंचनपुर जिले के प्रमुख जिला अधिकारी मनोहर प्रसाद खनाल ने इसके लिए बकायदा आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय प्रशासन के आग्रह पर भारतीय सीमा से लगे सीमांत कस्बों में 13 फरवरी की शाम से 15 फरवरी की शाम तक शराब की दुकानें बंद कराई जाएंगी।