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रिपोर्टिंग चौकी के पास चौपहिया वाहन तक नहीं

Tue, 10 Nov 2015 09:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
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जिले के मैदानी क्षेत्र टनकपुर से जिला मुख्यालय चंपावत के बीच के 75 किलोमीटर में यह इकलौती चल्थी की रिपोर्टिंग चौकी है, जिसकी सड़क दुर्घटनाओं से लेकर अपराधियों पर शिकंजा कसने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है, मगर चल्थी की इस अहम रिपोर्टिंग चौकी के हाल बेहद खराब हैं। हाईटेक तो दूर यहां लैंडलाइन का एक फोन भी यहां नहीं है। साथ ही चौपहिया वाहन को भी यह चौकी तरस रही है।
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जिला मुख्यालय से करीब 39 किलोमीटर और टनकपुर से 36 किलोमीटर की दूरी पर स्थित चल्थी की पुलिस चौकी चंपावत कोतवाली के अंतर्गत आती है। बस्टिया से लेकर धौन तक का करीब 55 किलोमीटर एनएच का हिस्सा एवं अमोड़ी-खटोली, धौन-अमोड़ी जैसे संपर्क मार्ग और आसपास के ढेरों गांवों का जिम्मा इसी चौकी का है, लेकिन इसके लिए चौकी का बुनियादी ढांचा ठीक-ठाक नहीं है।

लैंडलाइन फोन नहीं होने से पीड़ित व्यक्ति को अपनी बात कहने के लिए खुद चौकी में आना पड़ता है। बीएसएनएल का नेटवर्क काम नहीं करता। अलबत्ता इक्का-दुक्का प्राइवेट मोबाइल नेटवर्क कभी-कभार काम कर जाते हैं। चौपहिया वाहन नहीं होने से चौकी के काम करने की गति प्रभावित होती है। एकमात्र सरकारी बाइक है, लेकिन बारिश और जाड़ों में इससे काम नहीं हो पाता है।
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सिपाही भी पूरे नहीं
एनएच पर होने की वजह से चल्थी चौकी में बैरियर भी है, जिस पर रात-दिन काम करना होता है। फिर भी यहां स्टाफ भरपूर नहीं है। सिपाहियों की तादात 7 के बजाय 6 है। अलबत्ता दरोगा और हेड कांस्टेबल का एक-एक पद भरा हुआ है।

चल्थी की रिपोर्टिंग चौकी बेहद महत्वपूर्ण है। इसकी सुविधाओं का विस्तार करने की जरूरत है। इसके लिए जरूरी पहल की जाएगी। -दिलीप सिंह कुंवर, एसपी

नेटवर्क की कमी यहां बड़ी परेशानी पैदा करती है, मगर सबसे ज्यादा परेशानी चौकी के पास वाहन नहीं होने से है। इस कारण सड़क दुर्घटनाओं के वक्त मौके पर पहुंचने में देरी होती है। -विनोद जोशी, प्रभारी, चल्थी चौकी
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