बारहमासी सड़क निर्माण कार्य में लगे सर्वेयर ने अपने मजदूरों को चैकडाम की नाप के लिए नहीं भेजा होता तो शायद ही इस वारदात का खुलासा हो पता। अभियुक्तों ने चालक पप्पू राम को 18 दिसंबर को मौत के घाट उतार कर गहरी खाई में फेंक दिया था। उसके बाद आरोपी सामान्य दिनों की तरह ही अपनी दिनचर्या जीने लगे। आरोपियों से हुई पूछताछ के आधार पर पुलिस मान रही है कि हत्याकांड की वजह पप्पू का शादीशुदा होने के बावजूद सवर्ण महिला को भगाकर उससे विवाह करना है। इस बात से आरोपी उससे खुन्नस रखते थे।
पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल के अनुसार बारहमासी सड़क निर्माण के कार्य में लगी आरजीबी कंपनी की ओर से उस जगह पर डंपिंग जोन के लिए वायरक्रेट और चैकडाम बनाने का कार्य किया जा रहा था। तीन दिन पहले कंपनी के साइड में तैनात सर्वेयर हेम चंद्र भट्ट ने अपने दो मजदूरों को चैकडामों की नाप लेने के लिए भेजा तो, मजदूरों को मौके पर पप्पू राम की सड़ी गली लाश दिखाई दी।
इसके बाद प्रधान से मिली सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम में हत्या की वजह गंभीर चोट आने पर पुलिस ने मामले की विवेचना हत्या को ध्यान में रखकर शुरू की तो कड़ियां एक के बाद एक करके खुलती चली गईं। मृतक अनुसूचित जाति का था और शादीशुदा भी था। उसका क्षेत्र की अपने से बड़ी उम्र की एक सवर्ण महिला से प्रेम संबंध और बाद में उससे विवाह करना था। इसे लेकर क्षेत्र के वाहन चालक पप्पू राम से खुंदक रखने लगे थे। अब चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या के अलावा अनुसूचित जाति उत्पीड़न एक्ट के तहत मुकदमा भी पंजीकृत किया गया है।
हत्या में प्रयुक्त डंडा और अन्य साक्ष्य बरामद
चंपावत। सिप्टी आलीचौड़ के वाहन चालक पप्पू राम की हत्या में प्रयुक्त डंडा और अन्य साक्ष्य पुलिस ने बरामद कर लिए हैं। पुलिस ने जिस होटल में पप्पू राम के साथ मारपीट हुई वहां के घटनास्थल के साक्ष्यों के साथ ही चारों अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।