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नुक्कड नाटकों के जरिए दिया बेटियों को पढ़ाने का संदेश

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लोहाघाट (चंपावत)। विकासखंड पाटी के मानर तल्ला गांव में रीजनल आउटरीच ब्यूरो की पहल पर आंचल कला केंद्र द्वारा ग्रामीणों को बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया गया। कलाकारों ने नुक्कड नाटकों, नृत्य, गीतों के माध्यम से लोगों को बेटियों के महत्व को समझाया। इस दौरान ग्रामीणों ने बेटियों को संरक्षित रखने का संकल्प लिया।

रविवार को दलनायक मोहन चंद्र पांडेय के नेतृत्व में कलाकारों ने बेटी न मार हो दाज्यू गर्भ भीतर, जीवन का है यह आधार, बेटी को न समझो भार, बेटी नहीं है किसी कम, मिटा दो अपने सारे भ्रम, बेटी सबसे सुंदर उपहार, इसके साथ न करो दुर्व्यवहार आदि नारों, गीत, नृत्य और नाटकों के जरिये लोगों को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के लिए जागरूक किया। गायक गिरीश जोशी ने बेटी के बचाओ दाज्यू सुणी लिया, बेटी के पढ़ाओ दाज्यू सुणी लियो... गीत के जरिये लोगों को बेटियों को बचाने के लिए लोगों को प्रेरित किया।
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कलाकार पवन, जगदीश, कमल, दीपक, आकाश, रेनु, सुनीता, कल्पना और खुशबू ने नाटक, नृत्य, गीतों के जरिए बेटियों को बेटों के समान सभी सुविधाएं देने की बात कही। इस मौके पर ग्राम प्रधान रेनू देउपा, मुकेशराज देउपा, गोपाल मनराज, मनोज मनराल, किशोर जुकरिया, जगदीश जुकरिया, कृष्णा देवी, कलावती, मंजू, हेमा आदि लोगों ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संकल्प लिया।
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