भारत नेपाल सीमा पर ग्रामीणों से पूछताछ करते कांबिंग टीम।
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भारत-नेपाल की संवेदनशील सीमा पर माओवादी और संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाने को पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने सीमा क्षेत्र की सघन कांबिंग की। पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर राजस्व, पुलिस, खुफिया तंत्र, वन विभाग और सुरक्षा एजेंसियों की कांबिंग में फिलहाल किसी तरह की संदिग्ध गतिविधियां नही पाई गई। कांबिंग दल ने सीमावर्ती क्षेत्रों में निवास करने वालों से पूछताछ कर उन्हें भी सतर्क रहने को कहा।
आईजी पूरन सिंह रावत और एसपी धीरेंद्र सिंह गुंज्याल के निर्देश पर बृहस्पतिवार को पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने संवेदनशील भारत-नेपाल सीमा पर सघन कांबिंग की। सीओ राजन सिंह रौतेला के नेतृत्व में दल ने मझगांव, गढ़ीगोठ, गु़दमी, भैंसाझाला, बंगाली बस्ती, बेलबंद्धगोठ तक कांबिंग की। इस दौरान क्षेत्र की नेपाल से सटी सीमा पर माओवादी जैसी वारदातों के अलावा संदिग्ध गतिविधियों और बाहरी लोगों की उपस्थिति के बारे में जानकारी जुटाई गई।
सीओ ने बताया कि फिलहाल सीमा पर किसी तरह की संदिग्ध गतिविधियां नही पाई गई। उक्त क्षेत्रों में निवास करने वाले ग्रामीणों को किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधियों के पाए जाने और अनजान तथा बाहरी लोगों के दिखाई देने पर पुलिस को सूचित करने को कहा गया। कांबिंग टीम ने भारत-नेपाल पिलर संख्या 802/11, 802/1,802/2,803/10 में कांबिंग के अलावा वन संपदा के बारे में भी पता लगाया। इस मौके पर पूर्वी तराई वन प्रभाग खटीमा के वन क्षेत्राधिकारी वीरेंद्र बिष्ट, एसओटीएफ प्रभारी भाष्कर बडोला, वन दरोगा राकेश सिंह राणा, हरीश लाल, वन आरक्षी भुवन, कांस्टेबल कुलदीप चौहान, खड़क सिंह आदि मौजूद थे।