चंपावत जिले की कल्पना के तहत पहली पैराग्लाइडिंग साइट लोहाघाट ब्लॉक बिशंग गांव के कड़ाई मंदिर क्षेत्र में बनकर तैयार हो गई है। साइट तैयार होने के बाद पैराग्लाइडिंग पायलट यहां साहसिक पर्यटन की उड़ान भर रहे हैं।
आदर्श चंपावत जिले की कल्पना के तहत पहली पैराग्लाइडिंग साइट लोहाघाट ब्लॉक बिशंग गांव के कड़ाई मंदिर क्षेत्र में बनकर तैयार हो गई है। साइट तैयार होने के बाद पैराग्लाइडिंग पायलट यहां साहसिक पर्यटन की उड़ान भर रहे हैं। उनकी यह उड़ान भविष्य में साहसिक खेल के साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा देगी। इससे स्थानीय लोगों को भी रोजगार मिलेगा।
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पायलट आशीष कोहली, शुभम मेहता, शीतल ठाकुर, प्रियांशु पवार अप्रैल से पैराग्लाइडर की उड़ान भर रहे हैं। करीब दो माह से वह हवाओं के साथ कलाबाजी कर रहे हैं। फ्लाइट डेमो के माध्यम से बारीकियों और बेहतर ढंग से सीखकर खुद को परिपक्व कर रहे हैं। इसमें पर्यटन विभाग और फर्म के अमित परमार और ज्योति भंडारी उन्हें हर संभव मदद कर रहे हैं। पर्यटन विभाग ने कड़ाई मंदिर क्षेत्र में 10 लाख की लाख की लागत से पैराग्लाइडिंग साइट बनाई गई है।
लोहाघाट से करीब पांच किमी तक पैराग्लाइडिंग साइट है। इसके बाद एक किमी वाहन से साइट तक पहुंचा जा सकता है। करीब 500 मीटर पैदल भी यहां पर चलना पड़ता है। यह साइट भविष्य में मील का पत्थर साबित होगी। जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़ ने बताया कि कड़ाई मंदिर साइट पर पैरग्लाइडिंग का डेमो चल रहा है। साइट तक पहुंचने के लिए मार्ग बनाने का काम किया जाएगा।