जिले में महाशिव रात्रि पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया गया। सुप्रसिद्ध पौराणिक मंदिर बालेश्वर, नागनाथ, भागेश्वर, मानेश्वर, रिखेश्वर, ऋषिश्वर, डिप्टेश्वर, मल्लाडेश्वर, सप्तेश्वर, भोलेश्वर, क्रांतेश्वर, ताड़केश्वर, गुरु गोरखनाथ धाम, अमोड़ी शिव मंदिर के साथ अन्य शिव मंदिरों में पवित्र स्नान के साथ शिवलिंग का जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं का दिन भर तांता लगा रहा।
इस दौरान श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पूजा अर्चना कर मनौतियां मांगीं। मानेश्वर के साथ कई मंदिरों में खड़ी होली गायन किया गया। इस दौरान विभिन्न मंदिरों में शिव भक्तों की ओर से भगवान शिव को भंगोटे का भोग भी लगाया गया। इसके लिए मंदिरों में विशेष तैयारी की गई थी।
रुई से बनाए गए शिवलिंग को देखने उमड़ी भीड़
चंपावत। महाशिवरात्रि पर्व को ब्रह्मकुमारी संस्था में बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर रुई से बनाया गया शिवलिंग भक्तों के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा। मुख्य प्रवक्ता ब्रह्मकुमारी ज्योति ने श्रद्धालुओं को अपनी एक बुराई छोड़ने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि सभी लोग इस पर्व पर अपनी एक बुराई को छोड़ने का संकल्प लें।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हम अपने तन को रोज साफ करते हैं, उसी तरह आत्मा की सफाई करना भी आवश्यक है। कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं ने ध्यान कर भोग ग्रहण किया। इस दौरान प्राचार्या बीनू जैन, राजेंद्र गहतोडी, नीमा बिष्ट, रेनू जोशी, रेखा अधिकारी, दया पुनेठा, भागीरथी, ममता, दीपा, लीलावती, रमा पांडेय, डॉ. गीता पुनेठा, अंजना, माया, हरीश जोशी आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।
बाजार में खूब हुई तरूण की बिक्री
चंपावत। शिवरात्रि पर्व पर बाजार में कंदमूल फलों के साथ ही तरूण की खूब बिक्री हुई। बाजारों में अधिकतर जगहों पर 100 से 120 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से तरूण की बिक्री हुई। पंचेश्वर से आए केशव दत्त (73) ने 25 किलोग्राम तरूण की बिक्री की। इसके अलावा शकरकंद और बेर की भी खूब बिक्री हुई।