निर्माणाधीन बारहमासी मार्ग में खतरनाक हो रहे पेड़।
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टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन बारहमासी सड़क की हालत में सुधार नहीं हो पा रहा है। सिन्याड़ी से स्वांला और बापरू से घाट तक के हिस्से में 71 से अधिक पेड़ खतरा बने हैं और जमीन भी दरक रही है।
निर्माणाधीन बारहमासी सड़क पर बीते एक साल में 11 हादसों में 40 से ज्यादा मौत हो चुकी है। सिन्याड़ी से स्वांला में 11 और बापरू से घाट के बीच 60 पेड़ खतरे की स्थिति में हैं। कटिंग से कई जगह भूकटाव में भी तेजी है। कपिल सिंह, नवीन राम, दीपक बोरा, कमल पंत सहित कई लोगों का कहना है कि इनमें से ज्यादातर पेड़ों की जड़ें खोखली हो चुकी हैं।
कुछ जगहों पर बड़े-बड़े पत्थर भी अटके हैं। ये पेड़ और पत्थर यहां से गुजरने वाले वाहनों के लिए खतरा बन रहे हैं। लोगों ने इन पेड़ों को जल्द काटकर खतरे से निजात दिलाने की मांग की है। राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के अधिशासी अभियंता एलडी मथैला का कहना है कि काम करा रहे ठेकेदार को कटिंग के बाद रोड किनारे सभी सुरक्षागत कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
बारहमासी मार्ग पर खतरे वाले पेड़ों को हटाने के लिए जिला प्रशासन ने संयुक्त टीम बनाई है। एनएच खंड, वन और राजस्व की टीम जल्द ही पेड़ों का चिह्नीकरण कर इन खतरे वाले पेड़ों को हटाने की कार्यवाही की जाएगी।
केएस बिष्ट, प्रभागीय वनाधिकारी, चंपावत।