पचपकरिया बस्ती का ग्रामीण संपर्क मार्ग 15 साल से पक्का नहीं हो सका है। लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक दिक्कत बरसात के दौरान होती है। अभिभावक अपने छोटे बच्चों को गोद में पकड़कर स्कूल पहुंचाने के लिए मजबूर होते हैं।
पचपकरिया बस्ती का ग्रामीण संपर्क मार्ग 15 साल से पक्का नहीं हो सका है। मार्ग बदहाल होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक दिक्कत बरसात के दौरान होती है। बरसात में कमर तक पानी होने से सड़क पर जमा पानी नाले का रूप ले लेता है। ऐसे में अभिभावक अपने छोटे बच्चों को गोद में पकड़कर स्कूल पहुंचाने के लिए मजबूर होते हैं।
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पचपकरिया गांव में नरेश राम के घर से गोपाल राम के घर तक करीब 350 मीटर प्रमुख संपर्क मार्ग कई वर्षों से क्षतिग्रस्त है। बरसात में सड़क नाले में तबदील हो जाती है। संपर्क मार्ग का वर्ष 2004-05 में तत्कालीन बीडीसी सदस्य जसवंत सिंह बसेड़ा ने विकास खंड की वित्तीय सहयोग से जीर्णोद्धार कराया था लेकिन इसके बाद इस मार्ग की किसी की सुध नहीं ली गई।
ग्रामीण किशन कुमार, सरस्वती देवी ने कहा कि बरसात से पूर्व संपर्क मार्ग का जीर्णोद्धार हो जाता तो बड़ी राहत मिलती। पानी निकासी की भी कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में मुसीबत अधिक बढ़ जाती है। विधायक प्रतिनिधि दीपक रजवार ने बताया कि मुख्यमंत्री घोषणा के तहत बदहाल मार्ग का सुधारीकरण किया जाना है। जल्द ही इस पर कार्य होगा।