पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में भर्ती अंबेडकर छात्रावास का छात्र विरेंद्र कुमार।
- फोटो : अमर उजाला
शहर में दूषित जल के सेवन से लोग बीमार पड़ने लगे हैं। अस्पताल में रोजाना डायरिया और पीलिया के चार-पांच मामले दर्ज हो रहे हैं। पिछले दिनों दूषित और गंदे पानी की आपूर्ति को इसका कारण माना जा रहा है। महाविद्यालय के छात्रों ने इस संबंध में डीएम को शिकायती पत्र भेजा है।
उल्लेखनीय है कि फरवरी को नगर की पेयजल आपूर्ति में बड़ी चूक पकड़ी गई थी। इससे पहले एक सप्ताह तक नगरवासियों को सीवर के पानी की आपूर्ति हुई। बाद में पता चला कि सैन्य अस्पताल के सीवरेज की पेयजल योजना में निकासी की जा रही थी। ठुलीगाड़ पेयजल योजना सीवर मिलने से पखवाड़ा भर तक प्रभावित रही। बाद में ठुलीगाड़ योजना की पूरी सफाई के बाद साफ आपूर्ति सुचारु हुई।
पिछले दिनों फिर से नगर के कई इलाकों में गंदे पानी की आपूर्ति की शिकायतें मिली थी। अब नगर में प्रदूषित और गंदे पानी की आपूर्ति का लोगों के स्वास्थ्य पर असर दिखने लगा है। सरकारी और निजी अस्पतालों में पीलिया और डायरिया से पीड़ित लोग आ रहे हैं। अकेले जिला अस्पताल में ही रोजाना चार से पांच मामले आ रहे हैं। निजी अस्पतालों में भी पेट संबंधी रोगियों की भीड़ बढ़ रही है। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक एचएस खड़ायत का कहना है कि अस्पताल में जलजनित बीमारियों के रोगी रिपोर्ट हो रहे हैं।
छात्रावास में रह रहे विद्यार्थी की हालत बिगड़ी
दूषित जल के सेवन से अंबेडकर छात्रावास के एक विद्यार्थी की हालत बिगड़ गई है। छात्र को जिला अस्पताल भर्ती कराया गया है। महाविद्यालय के छात्र देवेंद्र कुमार को पेट दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल भर्ती कराया गया। चिकित्सक ने प्रदूषित जल के सेवन को बीमार होने की वजह बताया है। इसके बाद कालेज छात्रों ने डीएम को एक शिकायती पत्र लिखकर दूषित पेयजल आपूर्ति को इसका जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।
हिपेटाइटिस पीड़ित महिला की मौत
जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस बी से पीड़ित महिला की मौत हो गई है। आठ गांव शिलिंग निवासी 30 वर्षीय तारा देवी को हालत बिगड़ने के बाद अस्पताल भर्ती कराया गया था। परीक्षण के बाद महिला में जल जनित रोग हेपेटाइटिस की पुष्टि हुई थी। बुधवार को इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया।