बाराकोट विकासखंड के अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्र नगनोंनी में पेयजल संकट ने लोगों की नाक में दम कर रखा है। पेयजल किल्लत के चलते गांव में करीब 25 परिवार नौलों से पानी लेने को मजबूर हो रहे हैं। ग्रामीणों ने जल संस्थान से टैंकरों से जलापूर्ति करने की मांग की है।
माधवी देवी, हेमा देवी, बबीता देवी, त्रिलोकी देवी, अमित कुमार, मनोज टम्टा, सूरज कुमार टम्टा, विमला देवी, ममता टम्टा, रामी राम टम्टा, कल्याण राम टम्टा, जोतराम टम्टा का कहना है कि गांव के लिए सलना-पम्दा पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति की जाती है। लेकिन योजना से इन दिनों आठ दिन बाद बमुश्किल एक बार पानी आ रहा है। गांव में बने प्राकृतिक नौलों का जल स्तर रसातल में पहुंचने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
नौलों से पानी भरने के लिए भी लोगों को लंबी लाइन में लगना पड़ रहा है। पूरा समय पानी का इंतजाम करने में लग रहा जा रहा है। बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने जल संस्थान से पेयजल योजना से जलापूर्ति सुचारु नहीं होने तक टैंकरों से पानी देने की मांग की है। जल संस्थान के अभियंता चंद्रशेखर पंत का कहना है कि जलापूर्ति कहां से प्रभावित हो रही है यह जानने के लिए गांव जाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर पिकअप से पेयजल का वितरण किया जाएगा।
कलक्ट्रेट, विकास भवन में एक हफ्ते बाद आया पानी
चंपावत। जिला मुख्यालय में नगर पालिका के विभिन्न वार्डों में पेयजल संकट जारी है। बुधवार को कलक्ट्रेट और विकास भवन परिसर में एक हफ्ते के बाद पानी आया। वहीं विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए कार्यदायी संस्थाओं के ठेकेदारों को वाहनों के जरिए पानी जुटाना पड़ रहा है। दूसरी ओर भूमिगत जल स्तर में लगातार हो रही गिरावट के कारण भी विभिन्न स्थानों में दिनोंदिन पेयजल संकट गहराता जा रहा है।
जल संस्थान की ओर से विभिन्न स्थानों में टैंकर के माध्यम से दूसरे और तीसरे दिन पीने के पानी की आपूर्ति की जा रही है। जल संस्थान के अवर अभियंता किशोर पंत ने बताया कि बुधवार को कलक्ट्रेट और विकास भवन की पेयजल आपूर्ति को बहाल कर दिया गया है।