चंपावत। चंपावत जिले का पहला बेली ब्रिज बनकर तैयार हो गया है। लाखों की लागत से क्वैराला नदी पर बनाए गए इस पुल से आवाजाही जनवरी में शुरू होने की उम्मीद है। यह पुल भविष्य में एनएच का विकल्प भी बन सकता है।
सीएम घोषणा में शामिल वैली ब्रिज का निर्माण कार्यदायी संस्था लोनिवि ने 81 लाख रुपये से किया है। क्वैराला नदी में पाली और स्यूली गांव के बीच पुल का निर्माण किया गया है। पुल की लंबाई 33 मीटर और चौड़ाई छह मीटर है। इस पुल पर सिर्फ चार पहिया वाहनों के आवाजाही होगी।
बेली ब्रिज बनने से अमोड़ी-छतकोट सड़क का मिलान सिप्टी न्याड़ी सड़क से हो गया है। इससे 50 से अधिक गांव के लोगों के लिए आवाजाही और भी सुगम होगी। बारिश के दौरान चंपावत-टनकपुर एनएन चार स्वाला डेंजर जोन में मलबा आने से कई बार यातायात बाधित हुआ है। इस पुल के बनने के बाद यदि एनएच स्वाला डेंजर जोन में बंद होता है तो यह एनएच का विकल्प भी बनेगा।
लोनिवि के अधिशासी अभियंता मोहन चंद्र पलड़िया ने बताया कि पुल पर सिर्फ चार पहिया वाहनों को आवाजाही की अनुमति दी जाएगी। पुल का निर्माण कार्य 20 नवंबर को शुरू हुआ था। संवाद