चंपावत। जनपद के समस्त माध्यमिक स्कूल में कार्यरत शिक्षकों ने शिक्षक दिवस का बहिष्कार कर काला दिवस के रूप में मनाया। शिक्षकों का कहना है कि विभाग ने प्रधानाचार्य सीधी भर्ती निकालकर शिक्षक हितों और उनके सम्मान पर कुठाराघात किया गया है। उन्होंने समाधान नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
राजकीय शिक्षक संघ उत्तराखंड के आह्वान पर शिक्षक आंदोलन पर हैं। छह सितंबर को सभी माध्यमिक विद्यालयों के अध्यापक सामूहिक रूप से आकस्मिक अवकाश लेकर सीईओ कार्यालय में धरना प्रदर्शन करेंगे। संगठन जिला अध्यक्ष जगदीश अधिकारी और जिला इन्दुवर जोशी का कहना है कि सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या कर रही है। लगभग 40 विधायकों का प्रधानाचार्य सीधी भर्ती निरस्त करने के लिए समर्थन पत्र प्राप्त हो चुका है और प्रदेश में कार्यरत 95 फीसदी शिक्षक इस भर्ती के विरोध में होने के बावजूद भी सुनवाई नहीं हो रही है।
टनकपुर, चंपावत, लोहाघाट, पाटी, बड़कोट के सभी विद्यालयों के अध्यापकों शिक्षक दिवस का बहिष्कार किया। आंदोलन का नेतृत्व करने वालों में टनकपुर से रवि बगौटी, कल्पना आर्य, चंपावत से विनोद गहतोड़ी, मुकेश वर्मा पाटी से खुशाल सिंह रावत, गिरीश भट्ट, रज्जन कफल्टिया, लोहाघाट से दीपक अधिकारी, गोविंद मेहता बाराकोट से प्रकाश उपाध्याय, रितेश वर्मा आदि शामिल रहे।