लोहाघाट (चंपावत)। विकासखंड बाराकोट के बदहाल चांचडी सुतेड़ा मोटर मार्ग को ठीक करने की मांग जोर पकड़ने लगी है। मार्ग बदहाल होने के कारण ग्रामीणों के लिए बाजार से उत्पाद पहुंचाना बेहद मुश्किल होता है। वर्ष 2010-11 में विधायक निधि से करीब एक किमी मोटर मार्ग का निर्माण किया गया था। इस मोटर मार्ग को बने करीब 14 वर्ष हो चुके हैं, जो बदहाली का दंश झेल रही है। वर्ष 2022 में आई आपदा से मोटर मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया था, तब से इसकी मरम्मत नहीं हो पाई है। उस दौरान एसडीएम ने मौका मुआयना कर शीघ्र मार्ग सुचारु करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन तीन वर्ष पूर्ण होने के बाद भी मार्ग सुचारु नहीं हो पाया।
ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन की घोर लापरवाही और अनदेखी से गांव की 600 की आबादी का जीवन दुश्वार हो गया है। उन्होंने कहा कि मोटर मार्ग के सुचारु न होने के कारण उन्हें अपने फल, सब्जी, दूध आदि उत्पादों को बाजार तक पहुंचाना कठिन हो गया है। गर्भवती महिलाओं और बीमार लोगों को अस्पताल लाने को डोली के माध्यम से गाड़ी तक लाना पड़ रहा है।
वर्ष 2010-11 में विधायक निधि से करीब एक किमी मोटर मार्ग का निर्माण किया गया था। ग्रामीणों की मांग के बाद भी 14 वर्ष बीत जाने के बाद भी सड़क को सुधारा नहीं किया गया है। संगीता शर्मा, क्षेत्र पंचायत सदस्य।
मोटर मार्ग के सुचारु न होने के कारण उन्हें अपने फल, सब्जी, दूध आदि उत्पादों को बाजार तक पहुंचाना मुश्किल है। गर्भवती और बीमारों को डोली के सहारे अस्पताल लाना पड़ता है। -कमल शर्मा, ग्रामीण।
गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने की मांग
चंपावत। ग्राम पंचायत बडोली के दर्जनों गांव सड़क सुविधा से वंचित हैं। सड़क नहीं होने से लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है। तोला के ग्रामीण सतीश चंद्र जोशी ने बताया कि ग्राम पंचायत के रीठा, रोडामोला, अमोड़ा, तोला, पड़ंगा, सिरना, कुमटा, नानीगाड़, रूइनी और नाली सड़क सुविधा से वंचित हैं। आजादी के 75 वर्ष बाद भी क्षेत्र के लोग सड़क नहीं होने से मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।
उन्होंने बताया कि करीब 500 से अधिक परिवारों वाले इन गांवों के लोगों के लिए जीवन मुश्किल होता है। मरीजों और गर्भवती महिलाओं को डोली के सहारे मुख्य सड़क तक लाना पड़ता है। इसके बाद उन्हें वाहन से अस्पताल पहुंचाते हैं। उन्होंने शासन प्रशासन से जल्द से जल्द इन गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने की मांग की है। संवाद