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Champawat News: युवक को बना दिया फर्जी तरीके से पीआरडी जवान

Fri, 29 Nov 2024 10:58 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
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चंपावत। सिप्टी निवासी एक युवक पीआरडी जवान की वर्दी में शुक्रवार को नगर में यातायात व्यवस्था संभालता नजर आया। नए जवानों को ड्यूटी पर देखकर यातायात पुलिस और पीआरडी के दूसरे जवान भी बहुत देर तक समझ नहीं पाए। बाद में पूछताछ करने पर युवक ने बताया कि उसे पिथौरागढ़ निवासी किसी युवक ने ड्यूटी पर लगाया है। बताया कि जल्द ही ज्वाइंनिंग पत्र मिलेगा।
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शुक्रवार दोपहर एक बजे दूसरे पीआरडी जवानों ने जिला युवा कल्याण अधिकारी जसवंत सिंह खड़ायत को इसकी जानकारी दी। इसके बाद पुलिस उसे कोतवाली ले आई। युवा कल्याण अधिकारी भी कोतवाली पहुंच गए। सिप्टी निवासी युवक ने बताया कि वह पिथौरागढ़ निवासी नरेंद्र बिष्ट के संपर्क में आया। नरेंद्र की मदद से देहरादून के कुछ युवाओं से मिलना हुआ। वह वर्ष 2022 में हल्द्वानी में 15 दिन का प्रशिक्षण ले चुका है। शुक्रवार को चंपावत आए पांच युवाओं ने उसे चंपावत में ट्रैफिक जवानों की ड्यूटी देने के लिए कहा। बाद में युवक का चाचा भी कोतवाली पहुंचा। दो घंटे तक नरेंद्र नाम के व्यक्ति से फोन पर बात होती रही। वह कुछ देर में कोतवाली आने की बात करता रहा और देर शाम तक नहीं पहुंचा। युवक और उसके चाचा ने बताया कि नरेंद्र ने वेतन और ज्वाइनिंग लेटर को दो-तीन दिन में लेकर आने की बात कही है।
दोनोंं ही नौकरी दिलाने के नाम पर किसी तरह का प्रलोभन देने या रुपये मांगने की बात से पूरी तरह इनकार करते रहे। युवक से कोतवाली में पीएस नेगी पूछताछ कर जानकारी जुटा रहे हैं। एसपी अजय गणपति ने बताया कि पिथौरागढ़ निवासी एक व्यक्ति ने युवक को पीआरडी में नौकरी दिलाने के लिए कहा था। पीड़ित युवक से तहरीर लेकर कार्रवाई की जाएगी। व्यक्ति को भी ट्रेक कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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बिना कुछ सोचे समझ ले ली वर्दी
चंपावत। सिप्टी निवासी युवक बिना कुछ सोचे समझे चंपावत मुख्यालय में यातायात व्यवस्था में जुट गया। परिवार के लोग न जाने किसी बात के झांसे में आए और पिथौरागढ़ निवासी युवक की बात मान ली। इस बात का एहसास भी नहीं हुआ कि वह किसी ठगी का शिकार हो रहे हैं। युवक ने बताया कि उसने शुक्रवार को 1700 रुपये की वर्दी नगर के दुकान से खरीदी है। जबकि एक दूसरी वर्दी सिलाने के लिए दी है। उसने बताया कि 2016 में उसने हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण की है। परिवार में चार भाई-बहन हैं। वह घर में सबसे बड़ा है। इधर युवक की बातों से अंदेशा लगाया जा रहा कि कुछ अन्य युवक भी लोहाघाट में इस तरह से पीआरडी जवान बनाए गए हैं। बेरोजगारी इतनी बढ़ गई है कि युवाओं को ठगी का अंदेशा नहीं था।
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