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बिना किसी पूर्व सूचना के हड़ताल में गए डाक्टर

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चंपावत जिला अस्पताल में हड़ताल से परेशान मरीज। - फोटो : CHAMPAWAT
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सीएमओ और डॉक्टर का विवाद तूल पकड़ गया। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने बुधवार को बिना पूर्व सूचना के कार्य बहिष्कार कर दिया। इससे मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। घंटों इंतजार के बाद उन्हें बैरंग लौटना पड़ा।
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जिला अस्पताल पहुंचे सैकड़ों मरीजों ने बुधवार सुबह नौ बजे पर्चियां बनवानी शुरू कर दी। उसके बाद लाइन में लगकर डॉक्टर का इंतजार करने लगी। काफी देर बाद भी जब डॉक्टर अपने कक्षों में नहीं पहुंचे तो मरीज परेशान हो उठे।
बाद में पता चला कि सीएमओ और एक डॉक्टर के बीच सोशल मीडिया पर चले विवाद के कारण जिला अस्पताल के डाक्टर हड़ताल पर चले गए हैं। काफी देर इंतजार के बाद भी डॉक्टर नहीं लौटे तो मरीजों और तीमारदारों को बैरंग लौटना पड़ा।
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इस संबंध में एडीएम टीएस मर्तोलिया ने बताया कि मंगलवार को डॉक्टरों के शिष्टमंडल ने उनसे मुलाकात कर सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी के व्यवहार को लेकर आपत्ति जताई थी लेकिन डाक्टरों के कार्य बहिष्कार पर चले जाने की उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
जिला अस्पताल के स्टाफ को बदलने की मांग
चंपावत। जिला अस्पताल में आए दिन डॉक्टरों की ओर से मरीजों और तीमारदारों के साथ अभद्रता किए जाने के मामले प्रकाश में आने के बाद जिला अस्पताल के स्टाफ को बदलने की मांग जोर पकड़ने लगी है। इस संबंध में देवेंद्र कुमार, नीरज सिंह, त्रिभुवन सिंह आदि ने विधायक कैलाश गहतोड़ी को ज्ञापन सौंपकर अस्पताल के स्टाफ को बदलने की मांग उठाई है।
अस्पताल के डॉक्टर सीएमओ के व्यवहार से आहत हैं, जिसकी वजह से वे कार्य बहिष्कार कर गए। डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार शाम विधायक कैलाश गहतोड़ी से भी वार्ता की। बृहस्पतिवार को व्यवस्था सुचारू रहेगी।
-डॉ. आरके जोशी, सीएमएस जिला अस्पताल, चंपावत
मैंने किसी डॉक्टर के खिलाफ कोई आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की है। यह केवल गलतफहमी का मामला है। यदि डॉक्टरों को आपत्ति थी तो मुझसे बात करते, इस तरह हड़ताल पर जाने से मरीजों को परेशान करना न्यायोचित नहीं है। मामले की जांच की जाएगी।
-डॉ. आरपी खंडूरी, सीएमओ, चंपावत
जिला अस्पताल के डॉक्टरों के बिना पूर्व सूचना के हड़ताल पर चले जाना कर्मचारी आचरण नियमावली का उल्लंघन है। ये मामला मेरे संज्ञान में अभी-अभी आया है। यदि ऐसा हुआ है तो नियमानुसार जांच कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
-सुरेंद्र नारायण पांडेय, डीएम, चंपावत
यह है मामला
सोमवार को रीठा निवासी महिला अल्ट्रसाउंड कराने जिला अस्पताल आई थी। मरीजों की अधिकता की वजह से उसे डॉक्टर ने वापस कर दिया। महिला ने डॉक्टर और सीएमएस पर अभद्रता का आरोप लगाया। बताया जा रहा है कि अगले दिन अखबारों में यह खबर छपी तो सीएमओ ने इसे सोशल मीडिया पर टेग कर दिया, जो डॉक्टरों का नागवार गुजरा।

चंपावत जिला अस्पताल में डाक्टरों के कार्य बहिष्कार के चलते इंतजार में बैठे मरीज।- फोटो : CHAMPAWAT

चंपावत जिला अस्पताल के गेट पर परेशान महिला मरीज।- फोटो : CHAMPAWAT

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