धौन बडोली सड़क में पेड़ों के छपान की प्रक्रिया शुरू नहीं होने से बडोली के ग्रामीणों में आक्रोश है। बृहस्पतिवार को बडोली के ग्रामीणों ने डीएम रणवीर सिंह चौहान से मुलाकात कर कलक्ट्रेट के बाहर नारेबाजी की। कहा कि 11 फरवरी को मझेड़ा के ग्रामीणों के धरना प्रदर्शन के बाद वन विभाग ने छपान का कार्य रोक दिया है। उन्होंने छपान कार्य शुरू कराने की मांग की है।
ग्रामीण गुणानंद थ्वाल ने बताया कि मझेड़ा के ग्रामीण नए-नए मुद्दे सामने लाकर स्वीकृत रोड में रोक लगाने का काम कर रहे हैं। बताया कि मझेड़ा के ग्रामीणों ने सड़क को लेकर हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की थी लेकिन 10 दिसंबर 2018 को कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है।
ग्रामीण प्रकाश थ्वाल ने बताया कि कोर्ट का फैसला आने के बाद मझेड़ा के ग्रामीण अब अनापत्ति प्रमाण पत्र में फर्जी हस्ताक्षर करने का आरोप लगाकर सड़क कार्य रोकने का काम कर रहे हैं। कहा कि 2014 में मझेड़ा के ग्रामीण और ग्राम प्रधान ने अपने ही पैड में अनापत्ति दी है। इसके बावजूद मझेड़ा के ग्रामीण सड़क में बाधा डालने के लिए नए-नए मुद्दों को सामने ला रहे हैं।
प्रदर्शन करने और ज्ञापन देने वालों में हेम चंद्र, बाला दत्त, राजेश थ्वाल, हीराबल्लभ, हरीश थ्वाल, इंद्र देव, खीमानंद, रमेश चंद्र थ्वाल, जय दत्त, महेश, ईश्वरी दत्त सक्टा, गंगा दत्त, प्रकाश चंद्र, लक्ष्मी दत्त सक्टा मौजूद रहे।
धौन-बडोली सड़क में जमा हो चुकी है एनपीवी की धनराशि
चंपावत। छपान और पातन के लिए वन विभाग को नेट प्रजेंट वैल्यू (एनपीवी) की धनराशि मिल चुकी है। उसके बावजूद छपान कार्य में देरी के चलते बडोली के ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने कहा कि वन विभाग छपान और पातन में देरी कर रहा है।