डिजिटल इंडिया के दावे के बीच चंपावत जिले के नेपाल सीमा से लगे तीन दर्जन से अधिक गांवों में बीते चार दिन से संचार सेवा ठप है। बीएसएनएल की संचार सेवा 11 फरवरी से कटी है। एसएसबी के कर्मियों सहित क्षेत्र के दस हजार से अधिक ग्रामीण इससे प्रभावित हो रहे हैं।
नेपाल सीमा से लगे गुमदेश, तल्लादेश क्षेत्र के तामली, बिरमोला, रायल, पोलप, नीड़, कारी, बचकोट, चामी, बंतोली, सिमिया उरी, आमनी, रियासी बमनगांव, बकोड़ा, पुलहिंडोला, चौमेल, दिगालीचौड़, पंचेश्वर आदि गांवों के हजारों लोग देश-दुनिया से चार दिन से कट गए हैं।
इन जगहों में एसएसबी की कई बार्डर आउटपोस्ट हैं, जहां के कर्मियों को भी संचार सेवा के लिए जूझना पड़ रहा है। ग्रामीण भुवन जोशी, शेर सिंह सहित तमाम लोगों का कहना है कि दूसरे स्थानों पर रहने वाले अपने रिश्तेदारों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। जनवरी से तीन बार में कुल 13 दिन तक सेवा ठप हो चुकी है।
अब 11 फरवरी से यहां की संचार सेवा चौपट है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार बीएसएनएल अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद संचार सेवा में सुधार नहीं हो सका है। ग्रामीणों ने जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
निजी कंपनी के काम से कट रही ओएफसी
नेपाल सीमा से लगे गांवों की संचार सेवा प्रभावित होने की वजह निजी मोबाइल कंपनी की ओएफसी लाइन का खुदना है। इसकी वजह से वहां से गुजर रही बीएसएनएल की ओएफसी कट गई है। आरोप है कि कई जगह यह निजी कंपनी जेसीबी से खुदाई कर रही है।
बीएसएनएल के जूनियर टेलीकॉम अधिकारी विजय वर्धन का कहना है कि निजी कंपनी की केबल बिछाने के लिए खुदाई करने से पुलहिंडोला में बीएसएनएल की केबल कट गई। इससे पुलहिंडोला, दिगालीचौड़, चौमेल, मंच एक्सचेंज प्रभावित हुआ है। इसे ठीक करने के लिए पिथौरागढ़ से विभागीय तकनीकी टीम आई लेकिन केबल कई जगह कटे होने के चलते लाइन 15 फरवरी तक ठीक हो सकेगी। जेटीओ का कहना है कि निजी कंपनी को सावधानी से काम करने और जेसीबी का उपयोग नहीं करने की हिदायत दी गई है।
निजी मोबाइल कंपनी को ओएफसी की खुदाई के साथ ही उसे पाटने के काम को पूरा करने के आदेश दिए गए हैं। खुदाई में जेसीबी का उपयोग करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा काम में हीलहवाली करने पर काम करा रही निजी कंपनी के अलावा लोनिवि के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - रणवीर सिंह चौहान, डीएम, चंपावत।