रीठा साहिब में एटीएम तो है लेकिन यहां के लोगों को एटीएम से नकदी निकालने के लिए 61 किमी दूर लोहाघाट की दौड़ लगानी पड़ती है। ये समस्या यहां लगे एटीएम के काम नहीं करने से है। इस एटीएम के संचालित नहीं होने से ग्रामीणों को भारी समस्या हो रही है।
लधिया घाटी की धुरी रीठा साहिब में पंजाब एंड सिंध बैंक की शाखा है। सितंबर 2013 में एक प्राइवेट संस्था प्रिज्म पेमेेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड चेन्नई ने यहां इस बैंक का एटीएम लगाया लेकिन यह एटीएम कभी चल नहीं सका। इस एटीएम से आज तक एक भी रुपया नहीं निकला है। एटीएम के इस कक्ष में ताला लटका है। एटीएम में आई तकनीकी गड़बड़ी की वजह से ये कभी भी शुरू नहीं हो सका। नतीजा यह हुआ कि शोपीस बने इस एटीएम का लाभ लधिया घाटी क्षेत्र के दर्जनों गांवों के सात हजार से अधिक खातेदारों को नहीं मिल रहा है।
एटीएम नहीं चलने से लोगों को समस्या होती है। इसके चलते चौड़ापित्ता, चौड़ामेहता, परेवा, धरसौ, बिनवालगांव, गोलडांडा, रमक, मंगललेख, वारसी, कुल्यालगांव, मछियाड़, साल, टांण, तलाड़ी, ककनई, डांडा, बुड़म, वैला, चल्थियां, गड्यूड़ा, भिंगराड़ा, खरहीं गांव के लोगों को एटीएम से रकम निकालने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। साथ ही जन धन के खाताधारकों को भी रूपे कार्ड के उपयोग के लिए इधर-उधर जाना पड़ता है।
भूपेश उपाध्याय, बैंक अधिकारी, पंजाब एंड सिंध बैंक, रीठा साहिब ने बताया कि रीठा साहिब का यह एटीएम एक प्राइवेट संस्था ने 2013 में लगाया था। खामी के चलते कभी इसका उपयोग नहीं हो सका। एटीएम के संचालित नहीं होने की जानकारी बैंक के उच्चाधिकारियों को लगातार दी जाती रही है। साथ ही एटीएम की खामी को दूर करने के लिए संस्था को कई बार पत्र भी भेजा जा चुका है।
साढ़े तीन साल से नहीं मिला किराया
सिर्फ एटीएम धारक लोग ही नहीं बल्कि एटीएम के लिए किराये पर जगह देने वाले मदन सिंह बोहरा भी परेशान हैं। भवन स्वामी बोहरा का कहना है कि उन्हें शुरू के दो वर्ष का किराया तो दिया गया लेकिन इसके बाद से किराया नहीं मिल सका है। इसके लिए वे कई बार पत्राचार भी कर चुके हैं। लीड बैंक अधिकारी एके जोशी का कहना है कि एटीएम के संचालन और भवन स्वामी के किराए के लिए कंपनी और उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा जाएगा।