चंपावत में हैंडपंपों में लग रही कपड़े धोने वालों की लाइनें।
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चंपावत शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। हैंड पंप और स्टैंड पोस्ट में पानी भरने के लिए सुबह पांच बजे से लोगों की भीड़ लग जा रही है। तीन से चार घंटे तक लाइन में खड़े रहकर इंतजार करने के बाद भी लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है।
दिन की तेज धूप में हैंड पंप व स्टेंड पोस्टों में पानी भरने वालों की भीड़ छटने का नाम नहीं ले रही है। कई लोग हैंडपंपों में कपड़े धोने पहुंच जा हरे हैं। इससे पानी भरने वालों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। गर्मी के चलते हैंडपंपों का जल स्तर भी कम हो गया है। इन दिनों हैंडपंपों से भी 150 से 200 लीट ही पानी एक बार में निकल रहा है।
पानी की कमी चलते इन दिनों नलों से पानी नहीं निकल पा रहा है। जल संस्थान के टैंकर और पिकप से भी लोगों की पानी की आपूर्ति पूरी नहीं हो पा रही है। लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
पेयजल को लेकर प्रधानमंत्री का पत्र पढ़ कर सुनाएंगे ग्राम प्रधान
चंपावत। जल संरक्षण एवं संवर्द्धन कार्यक्रम के प्रति जन - जागरूकता लाने के लिए देश के सभी ग्राम प्रधानों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं पत्र जारी किया है। जिसे 22 जून को ग्राम सभाओं की खुली बैठक आयोजित कर ग्राम प्रधानों द्वारा समस्त ग्रामवासियों को पढ़कर सुनाया जाएगा। बुधवार को जिला सभागार में आयोजित बैठक में यह जानकारी देते हुए जिलाधिकारी रणवीर सिंह चौहान ने कहा है कि प्रधानमंत्री का पत्र सभी ग्राम पंचायतों की खुली बैठक में ग्राम प्रधानों द्वारा पढ़कर सुनाया जाएगा।
डीएम ने ग्राम सभा की खुली बैठक में ग्रामवासियों को पत्र पढ़कर सुनाने के बाद जल संरक्षण एवं संवर्द्धन पर गोष्ठी आयोजित करने को कहा। बैठक में एडीएम टीएस मर्तोलिया, उप जिलाधिकारी अनिल गर्ब्याल, परियोजना निदेशक एचजी भट्ट, जिला विकास अधिकारी एसके पंत, ईई आरडब्ल्यूडी केके जोशी, बीडीओ अमित ममंगई, पीएस रावत, बीसी जोशी, डीपीआरओ सुरेश बानी, डीपीओ पीएस बृजवाल आदि उपस्थित रहे।