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हवाई रहा एक दिन छोड़ पेजयल आपूर्ति का आश्वासन

Sun, 02 Jun 2019 11:37 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन अमर उजाला ब्यूरो  लोहाघाट (चंपावत)।
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चंपावत में पानी की किल्लत के बीच रात को पिकअप से पानी भरते लोग। - फोटो : अमर उजाला
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जल संस्थान द्वारा 31 मई से एक दिन छोड़कर लोगों को पेयजल आपूर्ति करने का आश्वासन हवा हवाई साबित होने से लोगों में नाराजगी हैं। नगर पंचायत अध्यक्ष गोविंद वर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में लोगों ने सोमवार को जल संस्थान कार्यालय में तालाबंदी करने की चेतावनी दी है। 

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वक्ताओं ने कहा कि शहर में पेयजल संकट से निजात दिलाने के लिए जल संस्थान कार्यालय का घेराव और तालाबंदी की थी। जल संस्थान अधिकारियों ने 31 मई से एक दिन छोड़कर जलापूर्ति करने का आश्वासन दिया था लेकिन इस पर क्रियान्वयन नहीं हो सका। चेयरमैन वर्मा का कहना है कि आश्वासन के आधार पर लोगों को पानी नहीं मिलने की वजह पूछने पर विभाग कुछ समय और देने के लिए कह रहा है। जबकि लोगों को वर्तमान में सप्ताह में महज दो दिन 20 से 30 मिनट ही पानी मिल पा रहा है।

लोग लंबी दूरी तय कर गाड़-गधेरों, हैंडपंपों से पानी ढोकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं। लोगों ने समस्या का समाधान नहीं होने पर सोमवार को जल संस्थान कार्यालय में तालाबंदी करने की चेतावनी दी। इसके बावजूद समाधान नहीं निकलने पर खाली बर्तनों के साथ डीएम कार्यालय में धरना प्रदर्शन की धमकी दी है। वहां ब्रजेश माहरा, जीवन गहतोड़ी, केदार बोहरा, ओंकार धौनी, सतीश मुरारी, जगदीश मेहता, धर्मानंद पांडेय, लीलांबर गहतोड़ी, जगदीश खर्कवाल, आशीष राय, नवीन कुमार, हेम राय आदि थे। 
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पानी ढोने के लिए पांच पिकअप जीप लगाने के साथ टैंकर लगातार मुख्य टैंक में पानी डाल रहा है। 30 किमी दूर धौन से पानी लाने में पिकअपों को काफी समय लग रहा है। पिकअप से रोज 20 हजार लीटर और टैंकर से 30 हजार लीटर ही पानी मिल पा रहा है। लोगों की पेयजल समस्या का समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है।  चंद्रशेखर पंत, अपर सहायक अभियंता, लोहाघाट। 

रात में भी पानी के लिए हो रही मारामारी 
चंपावत। पेयजल किल्लत के चलते पानी को लेकर मारामारी थमी नहीं है। लोग दिन के अलावा रात में भी टैंकर और पिकअप जीपों से पानी भर रहे हैं। वहीं जिले में जल संस्थान हर रोज 80 हजार लीटर से अधिक पानी का वितरण कर रहा है। जल संस्थान चंपावत के अपर सहायक अभियंता किशोर पंत का कहना है कि टैंकरों के अलावा पिकअप जीपों से किल्लत वाली जगहों में पानी बांटा जा रहा है। इसके लिए रूट चार्ट तैयार किया गया है।

कुछ लोगों का आरोप है कि आंतरिक संपर्क मार्ग और रोड से कटे इलाकों में पेयजल वितरण का ठीक तरह से  वैकल्पिक प्रबंध नहीं किया गया है। 
चंपावत में ही रोजाना 25 लाख लीटर से अधिक पानी की जरूरत है लेकिन सात लाख लीटर से भी कम पानी मिल रहा है। इस कारण अधिकतर इलाकों में एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति की जा रही है और लोगों की निर्भरता हैंडपंप, गधेरों के अलावा जल संस्थान के टैंकर और पिकअप जीपों पर हो गई है। 

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