वन्य जीवों के डर का किसी तरह से सामना कर रहीं पहाड़ की महिलाओं को अब एक नए डर ने घेर लिया है। यह डर है गांवों में चोरों के सक्रिय होने का। हाल यह है कि चोरोें के डर से महिलाएं शादी ब्याह में गहनोें को पहन कर जाने से कतरा रही हैं। बाराकोट क्षेत्र में लगातार तीन चोरियों के बाद यह हालात बने हैं। रविवार को पम्दा में महिला मंगल दल की बैठक में यह मुद्दा उठा और महिलाओं ने चोरियों का खुलासा न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
यह किसी से छिपा नहीं है कि पर्वतीय क्षेत्रों में वन्य जीवों के डर का सामना महिलाओं को आए दिन करना पड़ता है। अब यहां महिलाओं को चोरों का डर सताने लगा है। महिलाओं का कहना है कि घास से लेकर अन्य जरूरतों को लेकर जंगल जाना उनकी दिनचर्या में शामिल हैं और अब डर यह है चोरी के इरादे से जंगल में छिपे चोरों से उनका सामना न हो जाए। रविवार को महिला मंगल दल की अध्यक्ष हेमा जोशी की अध्यक्षता और कल्पना जोशी के संचालन में हुई बैठक में कहा गया कि चोरों ने 8 मार्च को काकड़ के शिव मंदिर, 4 अप्रैल को लड़ीधुरा मंदिर और 1 मई को मस्टा मंदिर में चोरी को अंजाम दिया।
दो माह बाद भी इन चोरियों का खुलासा नहीं हुआ है। चोरियों का सुराग नहीं लगने से गांवों से गुजरने वाले अनजान राहगीरों, फेरी वालों और कबाड़ियों को भी ग्रामीण शक की निगाह से देख रहे हैं। महिला मंगल दल ने क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की पुलिस से मांग की गई और चोरियों का खुलासा नहीं होने पर सड़कों पर उतरने की चेतावनी दी गई।
बैठक में देवकी देवी, भागीरथी देवी, गोदावरी देवी, पार्वती जोशी, माधवी देवी, पुष्पा जोशी, भैरवी देवी, मोहनी देवी, रेवती जोशी, हेमा जोशी, कुसुम जोशी, आशा जोशी, ममता जोशी, कमला जोशी, पुष्पा जोशी, बेनी देवी, जानकी, मुन्नी जोशी, मीना मुरारी, राजेश्वरी शर्मा आदि थे।