वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के तीन माह बाद भी व्यापारियों व अन्य लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जीएसटी के लिए सरकार द्वारा बनाई गई साइट व पोर्टल के सही तरीके से कार्य न कर पाने के कारण लोगों को विलंब शुल्क चुकाना पड़ रहा है, जिससे उन पर बेवजह आर्थिक बोझ पड़ रहा है। यहां हुई बैठक में व्यापारियों ने जीएसटी पोर्टल को सरल करने के साथ ही पोर्टल की खामियों को दूर करने की मांग की है।
वक्ताओं ने कहा कि सरकार ने जीएसटी लागू करते समय लोगों को जीएसटी के प्रथम चरण में कोई भी विलंब शुल्क नहीं लेने का भरोसा दिलाया था, लेकिन इस पर कोई अमल नहीं हो रहा है। एडवोकेट सुधीर चतुर्वेदी ने बताया कि जीएसटी के लागू होने के बाद से उसमें कई खामियां रही हैं, जिस कारण व्यापारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार द्वारा बनाया गया पोर्टल अभी पूरी तरह काम भी नहीं कर रहा है।
पोर्टल स्वत: ही समाधान स्कीम से व्यापारियों को रेग्युलर स्कीम में परिवर्तित कर दे रहा है, जिससे व्यापारियों को अतिरिक्त भुगतान करना पड़ रहा है। जीएसटी हेल्पलाइन पर बात करने से वह सिर्फ तकनीकी खराबी कह कर लोगों से पल्ला झाड़ रहे हैं।
उन्होंने व्यापारियों से सक्रिय व जागरूक होने की बात कही। व्यापार संघ अध्यक्ष भैरवदत्त राय, गोविंद वर्मा, विपिन वर्मा, दीपक ओली, सतीश खर्कवाल, भास्कर भट्ट आदि ने सरकार से जीएसटी पोर्टल को सरल व उसकी खामियां दूर करने की मांग की है।