पीपीपी मोड में संचालित अस्पताल में रोगियों को डाक्टरों के आने की घंटों इंतजारी करनी पड़ रही है। ग्रीष्मकाल में अस्पताल खुलने का समय सुबह 8 बजे नियत किया गया है, लेकिन डाक्टर 10 बजे तक भी नहीं आ रहे हैं। मंगलवार को पंचेश्वर, चमदेवल आदि स्थानों से मरीज अस्पताल पहुंच चुके थे, लेकिन अस्पताल में डाक्टरों का कोई अतापता नहीं था। रोगियों को दवा वितरण करने वाली विंडो भी बंद पड़ी थी।
माधवानंद कलौनी, महादेव सुतेड़ी, प्रदीप कुमार, गोविंद वर्मा, दिवान सिंह, संतोष कुमार आदि मरीजों का कहना है कि अस्पताल में विशेषज्ञ डाक्टरों के नाम पर एलएमओ, बाल रोग विशेषज्ञ और आर्थोपैडिक सर्जन हैं, शेष लोग अवकाश में गए बताए जाते हैं। प्रबंधक संजय सैनी के सम्मुख वार्ड में भर्ती रोगियों का कहना था कि उन्हें भोजन नहीं मिल रहा है और दवाएं भी बाजार से मंगाई जा रही हैं।