चंपावत जिला अस्पताल परिसर में लगा जेनरेटर।
- फोटो : अमर उजाला
जिला अस्पताल में दूर दूर से पहुंचने वाले मरीजों को समय पर सुविधाएं नहीं मिलने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सिमल्टा क्षेत्र के एक मरीज के एक्सरे कराने के लिए अस्पताल प्रशासन द्वारा जनरेटर चालू नहीं किया गया। मरीज के साथ आए तीमारदारों को बिना एक्सरे कराए ही उसे वापस ले जाना पड़ा।
सोमवार को सिमल्टा क्षेत्र निवासी शिवराज को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाए थे। बताया जा रहा है गिरने से शिवराज के पैर पर चोट आ गई थी। अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा शिवराज के पैर का एक्सरा कराने को कहा गया। लेकिन अस्पताल में बिजली न होने से शिवराज के पैर का एक्सरे नहीं हो पाया है। ग्रामीणों को मायूस होकर उसे बिना एक्सरे कराए ही वापस ले जाना पड़ा। शिवराज के साथ आए रेवाधर, राजू भट्ट, जगदीश सिंह, कृष्णानंद, कुंवर सिंह, नवीन चंद्र, बलदेव, खीम सिंह, उमेश चंद्र आदि का कहना था कि उन्होंने डाक्टरों से कई बार जनरेटर चलाने की गुहार लगाने के बाद भी उनकी एक नहीं सुनी गई।
उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन देकर मामले की जानकारी दी। इस मामले में जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ.आरके जोशी ने बताया कि सोमवार सुबह दस से 11 बजे तक करीब एक घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। जनरेटर की वोल्टेज हाई होने के कारण उपकरण फुंकने के डर से कम से कम चलाया जाता है। इस दौरान मरीजों को एक घंटे तक इंतजार करने को कहा गया था। उनका कहना है कि जिला अस्पताल में प्रतिदिन 20 से 25 तक एक्सरे और 40 से 45 तक अल्ट्रासाउंड होते हैं।