लोहाघाट-पिथौरागढ़ एनएच बंद होने से फंसे यात्रियों को प्रशासन ने पहुंचाया राहत शिविर में। संवाद
लोहाघाट (चंपावत)। पहाड़ी दरकने से आए मलबे के चलते बंद लोहाघाट-पिथौरागढ राष्ट्रीय राजमार्ग 28 घंटे बाद खुल पाया। एनएच बंद होने से यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने रोडवेज बस से यात्रा कर रहे लोगों को रैन बसेरा, बरातघर और एनेक्सी भवन ठहराया। उन्हें इन स्थलों पर रात गुजारनी पड़ी। निजी वाहनों से यात्रा कर रहे लोगों ने आसपास के गांवों में शरण ली।
मंगलवार को सुबह करीब 10 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग में संतोला के पास पहाड़ी दरकने से भारी मात्रा में मलबा आ गया। राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने से लोहाघाट से पिथौरागढ और पिथौरागढ से लोहाघाट आने जाने वाले सैकडों वाहन और यात्री दिनभर फंसे रहे। बंद राष्ट्रीय राजमार्ग को खोलने में एनएच खंड के पसीने छूट गए। बुधवार दोपहर करीब दो बजे राष्ट्रीय राजमार्ग में आए मलबे को हटाकर यातायात सुचारू हो पाया। एनएच खुलने से लोगों और प्रशासन ने राहत की सांस ली। एनएच खंड के ईई आशुतोष, जेई हरीश कुंवर ने बताया पहाड़ी से अभी भी मलबा आ रहा। वाहनों को एक ओर से निकाला जा रहा है।
प्रशासन ने कराई यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था
लोहाघाट। पिथौरागढ़ से पीलीभीत जा रहे मजदूर यात्रियों सहित सौ यात्रियों को एसडीएम रिंकू बिष्ट के दिशा निर्देश पर तहसीलदार बाराकोट हरीश नाथ गोस्वामी के नेतृत्व में उत्तराखंड परिवहन निगम की तीन बस और राजस्व विभाग के दो वाहनों में यात्रियों के लोहाघाट रैन बसेरा, नगर पालिका बारात घर, एनेक्सी भवन में रहने और भोजन की व्यवस्था की गई। इस दौरान जिला पूर्ति निरीक्षक मनोज साह, तहसीलदार जगदीश नेगी, राजस्व उप निरीक्षक गोविंद मथैला,अनुज उप्रेती,नीरज कुमार, दिनेश चौबे, सुनील आदि ने सहयोग किया।
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मलबे में फंसी मशीन काम में बनी बाधक
लोहाघाट। मंगलवार को एनएच पर मलबा हटाने में लगी जेसीबी मशीन मलबे में फंस गई, इसके चलते सड़क खोलने का कार्य रात में रोकना पड़ा। बुधवार की सुबह हाइड्रा मशीन से मलबे के ढेर में फंसी मशीन को बाहर निकाल गया।