जिला मुख्यालय में रोडवेज स्टेशन नहीं होने का दंश यात्री झेल रहे हैं। बस स्टेशन नहीं होने से मोटरस्टेशन में खड़े होकर या फुटपाथ पर बैठ कर वाहनों का इंतजार करना लोगों की मजबूरी बना हुआ है। रविवार को होली के बाद बड़ी संख्या में वापस लौटने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बस स्टेशन के अभाव में तमाम यात्री भटकते रहे। हालांकि रोडवेज प्रशासन अप्रैल माह से बस अड्डे में वाहनों को खड़ा करने की उम्मीद जता रहा है।
चंपावत कहने को तो जिला मुख्यालय है, लेकिन यहां एक अदद रोडवेज स्टेशन नहीं है। जिला मुख्यालय में रोडवेज बस स्टेशन की मांग बरसों पुरानी है। भारी जद्दोजहद के बाद लोक निर्माण विभाग कार्यालय की जमीन रोडवेज प्रशासन को हस्तांतरित हो सकी। जिसके बाद दिसंबर 2017 से इस जमीन में रोडवेज बस स्टेशन का निर्माण शुरू कर दिया गया है। लेकिन अभी तक स्टेशन बन कर तैयार नहीं हो सका है। जिस वजह से अभी भी यात्रियों को मोटर स्टेशन में रुक कर वाहनों का इंतजार करना पड़ रहा है।
वर्तमान में रोडवेज स्टेशन परिसर का समतलीकरण कर दिया गया है। चहारदिवारी निर्माण का काम भी पूरा हो चुका है। इसके अलावा परिसर में कार्यालय भवन की मरम्मत और रंगरोगन कर दिया गया है। शौचालय निर्माण का काम भी अंतिम चरण में है। इसके अलावा टनकपुर और पिथौरागढ़ रोड वाले दोनों गेट बन कर तैयार हो चुके हैं। रोडवेज प्रशासन परिसर में प्लेटफार्म तैयार होते ही बस स्टेशन से वाहनों का संचालन होने की उम्मीद जता रहा है।
कोट
चंपावत में बस स्टेशन का काम 70 फीसदी पूरा हो चुका है। प्लेटफार्म बनने के बाद अप्रैल माह से बस स्टेशन से वाहनों का संचालन होने की उम्मीद है। बस स्टेशन बनने से यात्रियों को तमाम सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी।
केएस राणा, सहायक महाप्रबंधक, उत्तराखंड परिवहन निगम।