चंपावत मादली होली कमेटी की बैठक में चर्चा करते सदस्य।
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होली समाप्त होने के साथ ही लोगों ने अब मैदानी क्षेत्रों का रुख करना शुरू कर दिया है। मैदानी क्षेत्रों में नौकरीपेशा करने वाले लोग पहाड़ से लौटने लगे हैं। यात्रियों की संख्या में इजाफा होने से रविवार को भी बसें खचाखच भरी रही। जिला मुख्यालय में रोडवेज की बसों में चढ़ने के लिए लोगों को काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। इससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उधर रोडवेज प्रशासन ने केवल एक अतिरिक्त बस चलाई।
पहाड़ के अधिकांश लोग मैदानी क्षेत्रों में रोजगार से जुड़े हुए हैं। इस बार भी मैदानी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग होली मनाने पहाड़ आए हुए थे। होली निपटने के बाद इन लोगों ने अब फिर से मैदानी क्षेत्रों की राह पकड़ी है। लेकिन भारी भीड़ और वाहनों की कमी के चलते यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जिला मुख्यालय में बस में चढ़ने के लिए यात्रियों को काफी जद्दोजहद करनी पड़ी।
दिल्ली जाने वाले यात्री बसंत पांडेय, गौरव कुमार, नीलम और विनीता ने बताया कि भारी भीड़ के चलते बसें पहले से ही पैक हो कर आ रही है। जिस वजह से उनको काफी देर इंतजार करना पड़ा। रोडवेज की बसों के अलावा टैक्सियों में भी यात्रियों की काफी भीड़भाड़ रही। यहां भी सीट हासिल करने को लेकर यात्रियों में मारामारी मची रही। कुमाऊं टैक्सी यूनियन महासंघ के उपाध्यक्ष ललित मोहन भट्ट का कहना है कि सभी टैक्सी वाहन चालकों और स्वामियों को ओवर लोडिंग और ओवर रेटिंग नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। बावजूद इसके अगर कोई निर्देशों पर अमल करता हुआ नहीं पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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लोहाघाट डिपो से 14 बसें और टनकपुर डिपो से चार बसें चलाई जा रही है। लोहाघाट से दिल्ली के लिए एक अतिरिक्त बस चलाई गई है। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए और अतिरिक्त बस चलाने पर विचार किया जाएगा।
भुवन चंद्र आर्या, वरिष्ठ स्टेशन इंचार्ज, उत्तराखंड परिवहन निगम, लोहाघाट।