लोहाघाट से मैदानी क्षेत्रों को जाने के लिए तैयार रोडवेज बसें। संवाद
लोहाघाट (चंपावत)। रोडवेज डिपो लोहाघाट में बसों की कमी से यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई रूटों पर संचालन न होने से यात्रियों को बस सेवा का लाभ लेने से वंचित होना पड़ रहा है। लोगों ने लोहाघाट डिपों में पर्याप्त बसों की व्यवस्था करने की मांग की है। लोहाघाट डिपो में वर्तमान में 32 बसों का बेड़ा है। इनमें से 11 बसें पर्वतीय क्षेत्र का मानक पूरा कर चुकी है। शेष नौ बसें भी पर्वतीय क्षेत्र का मानक पूरा करने की कगार पर हैं। 12 नई बसों का संचालन दिल्ली रूट पर किया जा रहा है। पुरानी बसें बीच रास्तों पर खराब हो रही हैं। इससे यात्रियों को काफी दिक्कतें हो रही हैं। एक महीने से काशीपुर और बरेली की एक-एक सेवा का संचालन नहीं होने से यात्रियों को काफी परेशानियां हो रही हैं। लोहाघाट डिपो से फरीदाबाद, दिल्ली, गुरूग्राम, देहरादून, बरेली,पोंटासाहिब, नैनीताल, हल्द्वानी रूट पर बसों का संचालन होता है।
कोट
डिपो में वर्तमान में 32 बसें हैं। बसों की कमी से बरेली और काशीपुर के लिए सेवा संचालित नहीं हो पा रही है। रविवार को वाया देवीधुरा-दिल्ली, बरेली द्वितीय, काशीपुर बस सेवाओं का संचालन नहीं किया गया। डिपो को और नई बसें मिलने के बाद संचालन सुचारु रूप से हो सकेगा। - सूरजभान सिंह, प्रभारी एसएसआई रोडवेज, लोहाघाट
बोले लोग
बुजुर्गों, दिव्यांगों और गरीब लोगों के लिए रोडवेज की बसें बड़ा सहारा बनती हैं। लोहाघाट डिपो में बसों की कमी से कई रूटों पर संचालन न होने से इनका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। - भगवान सिंह ढेक, व्यापारी लोहाघाट
लोहाघाट से बड़ी संख्या में लोग दिल्ली, बरेली आदि स्थानों में सामान खरीदने के लिए जाते हैं। बसें न मिलने के कारण व्यापारियों को टैक्सियों में अधिक किराया देकर जाने को मजबूर होना पड़ता है। - सतीश मुरारी, पूर्व व्यापार संघ कोषाध्यक्ष लोहाघाट