इस वर्ष क्षेत्र में बाढ़ न आने से लोगों ने राहत की सांस ली है, हालांकि कुछ गांवों में जलभराव की स्थिति बनी थी लेकिन खास नुकसान नहीं हुआ। बाढ़ के लिहाज से बनबसा के लिए सितंबर सबसे अधिक घातक साबित हुआ है।
सितंबर शुरू होते ही क्षेत्रवासियों के दिलों की धड़कनें बाढ़ के खतरों से बढ़ने लगती थी। पिछले आंकड़े देखें तो पता चला कि बनबसा, टनकपुर में सितंबर माह में ही बाढ़ ने खासा नुकसान किया है।
वर्ष 2002 में 24 सितंबर, वर्ष 2003 में 5, 26 सितंबर, वर्ष 2005, 2006 में सितंबर में क्षेत्र में भीषण बाढ़ आई थी। वर्ष 2008 में 20, 21 सितंबर, वर्ष 2009 में 10, 13 सितंबर 2010 में सितंबर, 8, 20 अगस्त, वर्ष 2011 में 19, 23 सितंबर को बाढ़ ने खासा नुकसान किया था।
वर्ष 2004, 2007, 2012, 2013 में हालांकि क्षेत्र में बाढ़ तो नहीं आई लेकिन जलभराव के हालत से नागरिक परेशान रहे। क्षेत्र में जरा सी वर्षा के बाद देवीपुरा में तो बाढ़ आना आम बात है। बाढ़ से बनबसा के ग्राम चंदनी, आनंदपुर, बमनपुरी की कई एकड़ कृषि भूमि में कटाव हुआ।